फतेहपुर से प्रयागराज के बम्हरौली हवाई अड्डे के संविदा कर्मी राजू कुशवाहा को जिंदा जलाकर मार डालने वाले आरोपी शातिर किस्म के हैं। उन्होंने पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया है। प्रयागराज से अपहरण के बाद हाईवे छोड़कर उसे अंदर के रास्तों से घुमाते फिराते लाए थे। इस दौरान करीब 70 किमी की दूरी तय की। कैमरे की नजरों से बचने के लिए अंदर का रास्ता चुना है।
राजू कुशवाहा (25) पुत्र रामनाथ कुशवाहा निवासी जलालपुर घोसी थाना पिपरी जिला कौशांबी का अधजला शव 10 अगस्त को असोथर थाने के सातों जोगा गांव में सूखी नहर से बरामद हुआ था। वह सात अगस्त की दोपहर दो बजे निकला था तीन दिन बाद शव मिला था। कौशांबी के पिपरी थानेदार विजय राय शुक्रवार को घटनास्थल पहुंचे। मौके का नक्शा तैयार किया। पुलिस को लोकेशन की छानबीन में पहले ही मालूम हो चुुका था कि हाईवे के रास्ते से उसे अपहरण के बाद नहीं लाए थे।
रास्ते में खागा का टोल प्लाजा है, जहां कैमरे लगे हैं। ऐसे में आरोपी कौशांबी के अझुवा के पास शार्टकट से निकले होंगे। यह रास्ता टोल के पहले मझिलगांव मोड़ पर निकलता है। टोल पार होने के बाद खागा कस्बे के अंदर की लोकेशन है। अंदर के रास्तों में आधारपुर, लौलियापुर, एकारी, गाजीपुर, शहर के कटरा अब्दुलगनी, आबूनगर, पथरकटा, पटेलनगर, गौतम नगर में सात अगस्त की रात आठ बजे तक लोकेशन रही।
उसके बाद रात दो बजे हाईवे के आमापुर पहुंचा था। अंतिम लोकेशन औरेई में रात के 3 बजकर 39 मिनट की है। उसके बाद फोन बंद हो गया। साफ है कि घटना को इसी दौरान रात के सन्नाटे में अंजाम दिया गया। असोथर एसओ आशीष सिंह ने बताया कि कौशांबी पुलिस जांच के बाद वापस लौट गई है।