शहर के कमला नगर मोहल्ले के लोगों को नल से पानी 24
घंटे बाद ही मिल सकेगा। वर्मा चौराहे पर नलकूप की मोटर जलने से यह दिक्कत
हुई है। दूसरी ओर नगर पालिका इस समस्या से अनजान बना है। जिस कारण लोगों को
पेयजल उपलब्ध कराने के लिए एक टैंकर भी नहीं भेजा गया।
कमलानगर मोहल्ले
में वर्मा चौराहे पर लगे नलकूप से जलापूर्ति होती है। इस नलकूप की मोटर
तीन दिन से जली पड़ी है। जलकल विभाग ने मोटर पंप खोलकर मरम्मत के लिए
वर्कशाप पहुंचा दिया है लेकिन काम में हीलाहवाली से यह दिक्कत बड़ी हो गई
है।
विभागीय अधिकारियों की मानें, तो मोटर पंप बनकर तैयार होने में शनिवार
दोपहर तक का वक्त लग सकता है। इसके बाद मोटर की नलकूप में लोडिंग होगी। इस
कार्य में छह से आठ घंटे लगेंगे। सब कुछ ठीकठाक रहा तो देर शाम तक
जलापूर्ति शुरू हो जाएगी। मुहल्ले में जलापूर्ति बंद होने से हाहाकार मचा
है।
भानुप्रताप सिंह, आशीष मिश्र बेलू का कहना है कि तीन दिन से जलापूर्ति
बंद होने के कारण घरों में रखी टंकियां पानी से खाली हो चुकी हैं। ऐसी हालत
में घरों में जूठे बर्तन पड़े हैं। दैनिक क्रिया के लिए लोगों को सुबह से
हैंडपंपों की खोज करनी पड़ रही है। सरकारी हैंडपंपों में पूरी रात पानी के
लिए लाइन लगी रहती है।
संपन्न परिवारों में निजी सबमर्सिबल पंप लगे हैं। इन
घरों में पानी के लिए लोग लाइन लगाते हैं, लेकिन हर मोहल्लेवासी को यहां
से पानी मिलना संभव नहीं है। जलकल विभाग के अवर अभियंता गौरीशंकर पटेल का
कहना है कि मोटर पंप बनने के लिए वर्कशाप में दिया गया है।
शनिवार की सुबह
तक पंप बनकर मिल जाएगा। शनिवार शाम से लोगों को पानी मिलने लगेगा। उधर,
शहर की महर्षि कालोनी में लगे नलकूप का मोटरंपप फुंका पड़ा है। चार दिन से
इस कालोनी में भी जलापूर्ति बंद है, लेकिन इंडिया मार्का हैंडपंप लगे होने
के कारण पेयजल संकट की स्थिति यहां इतनी विकराल नहीं हो पाई है।