फतेहपुर। शहर में बिजली के जर्जर तारों का जाल बिछा है और इसकी सुधि लेने वाला कोई नहीं है। गर्मी के मौसम में लोड बढ़ने पर तार टूटने से किसी न किसी मोहल्ले में आपूर्ति बाधित होती है। साथ ही हादसे की भी आशंका रहती है। अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में 10,017 किमी लंबी बिजली की लाइन बिछी है। शहर की नई बस्तियों को छोड़कर लगभग सभी जगह बिजली के जर्जर तार ही लटक रहे हैं। ये तार गर्मी के मौसम में अक्सर टूटकर गिरते हैं। इससे बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहती है। सीओ सिटी दफ्तर के सामने, आवास विकास, आईटीआई रोड, राधानगर, पुरानी तहसील, बाकरगंज आदि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी जर्जर तार देखे जा सकते हैं।
एक्सईएन विद्युत प्रथम रामसनेही का कहना है कि शासन से हर साल जर्जर तार बदलने के लिए बजट मांगा जाता है। जो भी बजट मिलता है, उससे तार बदले भी जाते हैं। पर्याप्त बजट न मिल पाने से अभी शहर के कई स्थानों पर जर्जर तार हैं।
पुरानी तहसील निवासी सारिक मंसूर का कहना है कि जर्जर तार टूटने से गर्मी के मौसम में घंटों बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है। कई बार तार बदलने के लिए डीएम को ज्ञापन भी दिया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पुरानी तहसील निवासी पिंटू मौर्या का कहना है कि बिजली आपूर्ति में जर्जर तार बड़ी समस्या हैं। खासकर गर्मियों में ज्यादा समस्या रहती है। हर व्यक्ति के प्रभावित होने वाली इस समस्या को जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे।
बाकरगंज निवासी संदीप कुमार का कहना है कि आबादी वाले कुछ क्षेत्रों में तार बदले गए लेकिन आबादी से बाहर आते ही फिर जर्जर तार ही लटकते दिखते हैं।
बाकरगंज चौराहे के समीप फंटियों के सहारे झूलते जर्जर तार। संवाद- फोटो : FATEHPUR