शहर के देवीगंज निवासी स्वाती सिंह पत्नी मानेंद्र सिंह को शनिवार की दोपहर तेज प्रसव पीड़ा हुई। तीन बजे के आसपास परिजन उसे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत नाजुक बता सीजर किए जाने को कहा। आपरेशन के एवज में तीन हजार रुपये मांगे गए। बकौल मानेंद्र रुपये देने में अक्षमता जाहिर की तो आपरेशन से मना कर दिया। दोबारा संपर्क किया तो बताया कि स्टूलमेंट गरम करने की व्यवस्था नहीं है। तीमारदार का आरोप है कि रात नौ बजे तक इलाज शुरू न होने पर पत्नी को नर्सिंगहोम में भर्ती कराना पड़ा। कुल मिलाकर यहां हाथ गरम न करने पर स्टाफ किसी तरह मरीजों से पीछा छुड़ाते हैं।
यह तो बानगी है। जिला महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में जननी सुरक्षा योजना के तहत बिना कुछ दिए गर्भवती महिलाओं को लेकर आए तीमारदारों को कुछ ऐसे ही टरका दिया जाता है। अधिकतर केसों में गर्भवती की हालत नाजुक बता या दो सीजर की बात कही जाती है, जहां डाक्टर नहीं हैं वहां केसों को रेफर कर दिया जाता है।
सरकार जननी सुरक्षा योजना के तहत सुरक्षित प्रसव पर जोर दे रही है। प्रसव के बाद 48 घंटे तक प्रसूता की हिफाजत के लिए सरकारी अस्पतालों में रुकना अनिवार्य है। इसके पलट सरकारी अस्पतालों में तैनात स्टाफ आथर्क लाभ के लिए अस्पताल की चौखट में कदम रखते ही प्रसव पीड़ित महिला की सामान्य हालात को नाजुक बताने से नहीं चूक रहे हैं। पीएचसी व सीएचसी से लेकर जिला महिला अस्पताल में जारी उगाही के इस खेल मेें डॉक्टर, नर्स से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इस खेल में शामिल रहते हैं। जिला महिला अस्पताल में ही हरेक महीने कम से कम दो दर्जन के आसपास प्रसव पीड़ित महिलाओं के तीमारदारों के रिश्वत देने से मना करने पर घंटों इलाज के लिए तड़पना होता है।
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दखल पर गरम होने लगे स्टूलमेंट
सौदेबाजी के चक्कर में दर्द से कराहती महिला के तीमारदारों से स्टूलमेंट गरम न होने का बहाना बनाने का जिला महिला अस्पताल का यह प्रकरण रात में ही डीएम के पास पहुंचा। जिले के हाकिम तक बात पहुंचने के बाद जिला महिला अस्पताल का काम न करने वाला स्टेब्लाइजर सही हो गया और स्टूलमेेंट गरम होने लगे। तीमारदार के मोबाइन नंबर पर स्टूलमेंट गरम होने की जानकारी अस्पताल प्रशासन की ओर से दी गई।
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अब नहीं चलेगा जनाना अस्पताल में खेल- डीएम
डीएम पुष्पा सिंह ने जिला महिला अस्पताल के प्रकरण को संजीदगी से लिया है। उन्होंने कहा कि जनाना अस्पताल के हालात सही किए जाएंगे। उगाही करने वाले दोषियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। तीमारदारों से होने वाली कथित लूट खसोट को बंद कराया जाएगा। अच्छा होगा कि वह अपनी आदतों में सुधार लाते हुए जनता के लिए काम करे।