नउवाबाग से राधानगर तक सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। कई स्थानों पर 3-4 फिट गहरे गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में गिरकर एक दर्जन से अधिक लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। वाहनों के आवागमन से आसपास इलाकाें में धूल उड़ने से लोगों का बुरा हाल है।
बांदा-रायबरेली की सड़क एनएच-232 में निर्गत होेने से लोक निर्माण विभाग ने सड़क की मरम्मत का कार्य बंद करा दिया है, जिससे नउवाबाग से राधानगर तक करीब आठ किमी की सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। मौरंग व गिट्टी से लोड ट्रकों के आवागमन से सड़क में डामर भी उखड़ गया है। पूरी सड़क गलियारा बन गई है, जिसमें बाइक सवार राहगीर आए दिन गिरकर चोटिल होते हैं। व्यापारियों ने कई बार जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर सड़क मरम्मत कराए जाने की मांग की है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। तहसील, जयराम नगर और राधा नगर चौराहे पर सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों को उठानी पड़ रही है। वाहनों के निकलने पर उड़ने वाली धूल दुकानों में रखे सामान पर जम जाती है, जिससे अधिकतर सामान खराब हो जाता है। वहीं उखड़ी हुई गिट्टियां भी छिटक कर दुकानों में पहुंचती है, जिससे दुकानों में लगेे कांच के फर्नीचरों से टकराती है। इससे फर्नीचर भी टूटकर बर्बाद हो जाता है।
कोट
नउवाबाग से राधानगर की सड़क एनएचआई के अंडर में है, जिसका कोराई मोड़ से शाह तक नया बाईपास बनने के बाद राधानगर से नउवाबाग तक की सड़क लोक निर्माण विभाग के हैंडवर्क होने के बाद ही पीडब्लूडी से सड़क की मरम्मत कराई जाएगी। - एके वर्दिया, अधिशाषी अभियंता, प्रांतीय निर्माण खंड।
कोट
नउवाबाग से राधानगर की सड़क की मरम्मत कुछ दिन पहले कराई गई है। ओवर लोड वाहनों के आवागमन से सड़क जल्द ही खराब हो जाती है। के बाद फिर से मरम्मत कराई जाएगी। - सीएम द्विवेदी, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचआई रायबरेली।