औंग (फतेहपुर)। चौडगरा से जिले की सीमा पर स्थित छिवली नदी तक फैले औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल युक्त अपशिष्ट की शिकायतों की जांच के लिए प्रयागराज से उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चार सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर अलग-अलग स्थानों से अपशिष्ट के नमूने एकत्र किए। जांच के दौरान किसी भी फैक्टरी संचालक ने संबंधित अपशिष्ट को अपना नहीं माना।
गोधरौली, बनियनखेड़ा, छिवली छोटी, छिवली बड़ी, आशापुर और रासुपुर मोड़ समेत कई गांवों के ग्रामीण लंबे समय से हरे और पीले रंग के दूषित पानी की समस्या से परेशान हैं। कुछ गांवों में पेयजल आपूर्ति टैंकरों के माध्यम से की जा रही है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने क्षेत्र की सभी औद्योगिक इकाइयों की दोबारा व्यापक जांच कराने की सिफारिश की है। टीम में सहायक वैज्ञानिक रज्जन त्रिपाठी, जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार समेत चार अधिकारी शामिल रहे।
जांच के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चौडगरा से छिवली तक स्थित चार केमिकल फैक्टरियां वर्तमान में स्थायी रूप से बंद हैं। ऐसे में पुरवामीर (कानपुर नगर) क्षेत्र में मिले संदिग्ध केमिकल अपशिष्ट का स्रोत स्पष्ट नहीं हो सका है। अधिकारियों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि बरामद पदार्थ वास्तव में रासायनिक अपशिष्ट है या नहीं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जूनियर इंजीनियर सतीश कुमार ने बताया कि अपशिष्ट के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।