थरियांव थाना क्षेत्र के एकारी मोड़ से पुलिस ने प्रतिबंधित मांस तस्करों के एक बड़े गैंग को दबोचकर पर्दाफाश किया है। दस मांस तस्कर दो लग्जरी वाहनों के साथ पकड़े गए हैं। तस्कर एक मांस लदे डीसीएम को कार में सवार होकर पुलिस चेकिंग से बचाकर दिल्ली तक पहुंचाने का काम कर रहे थे। एसपी ने पुलिस टीमों को नकद पुरस्कार दिया है।
पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी के दिशा निर्देश पर पशु तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। सीओ मदन सिंह के नेतृत्व में थरियांव एसचओ ऋषिकांत शुक्ला और हथगाम एसओ खुर्शीद अंसारी की टीम ने बुधवार की रात एकारी मोड़ पर प्रतिबंधित मांस तस्करों के अंतरजनपदीय गैंग को दबोचा है। तस्करों ने पुलिस को परिचय मोहम्मद हसीन पुत्र मतीन अहमद निवासी अप्सरिया थाना सट्टी कानपुर देहात, इकरार पुत्र मोहम्म्द इसरार मोहल्ला नखासा कोतवाली इटावा, मोहम्म्द रियाज पुत्र मोहम्मद जमील,मोहम्मद जमील पुत्र सुलेमान, मोहम्मद रईश पुत्र छेद्दू निवासी पट्टीशाह थाना हथगाम,इश्तियाक पुत्र आफाक निवासी खैरेई खागा, मोहम्मद असगर पुत्र इमामुद्दीन निवासी पाई कोतवाली खागा, महताब पुत्र नसीरूद्दीन निवासी रायपुर मुआरी थाना हथगाम, जावेद पुत्र मोहम्मद साबिर खां निवासी मोहम्मद आजाद नगर थाना इकदिल इटावा, ज्ञानेंद्र कुमार ऊर्फ रिंकू पुत्र सत्यप्रकाश जाटव निवासी मौसमपुर थाना अजीतमल औरेया को गिरफ्तार किया गया है।
सीओ मदन सिंह ने बताया कि मांस तस्कर स्कार्पियो, वेरिटो और डीसीएम में सवार थे। कारों में एक-एक क्विंटल मांस की बरामदगी हुई है। वहीं डीसीएम से 40 क्विंटल मांस बरामद हुआ है। चौपहिया वाहनों से मांस तस्करी किए जाने की कम संभावनाएं होती है। इसके बाद भी तस्कर एक एक क्विंटल मांस कार में रखे थे। दोनों लग्जरी वाहनों में सवार तस्करों प्रतिबंधित मांस को ठिकाने तक पहुंचाने का ठेका लेता है। हथगाम से डीसीएम में भारी तादाद में मांस दिल्ली पहुंचाने के लिए लादा गया था। सारे माल की डिलीवरी सुरक्षित पहुंचाने के लिए दोनों चौपहिया वाहनों में सवार पायलेटिंग का काम करते हैं। अगर कहीं भी पुलिस चेकिंग चालू होती है तो डीसीएम को जंगल के रास्ते में रोक कर जंगल की ओर मोड़ देते हैं। चेकिंग खत्म होने के बाद दोबारा उसी पुलिस बैरियर से वाहन को निकाल देते हैं। इनका गैंग अलग-अलग जिलों के तस्करों से मिलकर बना है। हर जिले के तस्कर अच्छी तरह से जानते हैं कि उन्हें किस तरह से मांस लदे वाहनों को अपने जिले से पार कराना है।
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एंटी करप्शन, कानपुर जिलाध्यक्ष की वाहनों में लिखा
प्रतिबंधित मांस तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपने चौपहिया वाहनों पर फर्जी प्लेट लगा रखी हैं। महिंद्रा की वेरिटो गाड़ी में एंटी करप्शन की प्लेट लगी हुई है। इसी तरह स्कार्पियो में कानपुर जिलाध्यक्ष की प्लेट लगी हुई है, जिससे पुलिस भी चेकिंग में इन्हें नहीं रोकती टोकती है।
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मांस को डीसीएम में हरी सब्जियों से ढका
डीसीएम में प्रतिबंधित मांस को लादने के बाद छिपाने का तरीका भी तस्करों का गजब है। तस्करों ने हरी सब्जियां मांस के ऊपर लाद दी थी। डीसीएम के अंदर चारो तरफ स्पंज के गद्दे और बर्फ की सिल्लियां लगाई थी। इससे मांस के खराब होने का भी डर नहीं रहता था।
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पांच लाख की तैयार मांस की दिल्ली में 15 लाख कीमत
तस्करों की डीसीएम में करीब पांच लाख रुपये का प्रतिबंधित मांस लदा हुआ है। एसएचओ थरियांव ने बताया कि इसकी दिल्ली पहुंचने पर कीमत 15 लाख रुपये हो जाती है। दिल्ली से मांस की इंटरनेशल मार्केट तक पहुंचाया जाता है।
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तस्करी में पिता पुत्र गिरफ्तार
हथगाम थाना क्षेत्र के पट्टीशाह गांव के जमील और उसका बेटा रियाज को पुलिस ने मांस तस्करी के मामले में एक साथ गिरफ्तार किया है। जबकि जमील का एक बेटा महताब पहले से ही तस्करी के मामले में जेल में निरूद्ध है। वहीं रियाज भी एक पखवारे पहले ही जेल से छूटकर आया था। दोनों भाइयों पर पुलिस ने पहले ही गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।