हफ्ते भर पूर्व अपहृत एलआईसी एजेंट का नाबालिग पुत्र सकुशल घर लौट आया। कोचिंग से लौटते वक्त अपहरणकर्ताओं ने खुद को एलआईसी एजेंट का दोस्त बता छात्र को घर छोड़ने की बात कह उसे कार से अगवा कर ले गए थे। अपहरणकर्ताओं ने मोबाइल से 25 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी। मामले में पुलिस का शिकंजा कसता देख अपहरणकर्ताओं ने छात्र को घर के बाहर छोड़ दिया।
पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक अनीस अहमद अंसारी ने सोमवार को मीडिया के सामने अपहृत छात्र देश दीपक प्रजापति उर्फ लोहा सिंह पुत्र राम किशोर प्रजापति निवासी हरियापुर थाना ललौली को पेश किया। देश दीपक उच्च प्राथमिक विद्यालय हरियापुर में कक्षा छह का छात्र है, जिसने यूपी स्तर की कई परीक्षाओं में सफलता का परचम लहराया है। एसपी ने बताया कि देश दीपक साइकिल से दसवां मील जाता था। फिर वहां से टैंपो में बैठ करके मदरियापुर थाना गाजीपुर स्थिति प्रतिज्ञा कोचिंग सेंटर में पढ़ता था। कोचिंग का समय शाम पांच बजे से साढ़े छह बजे था। चूंकि घटना वाली शाम ही एलआईसी एजेंट को वैष्णो देवी के दर्शन करने को निकला था। इसके चलते देश दीपक ने छह बजे कोचिंग छोड़ दी।
पुलिस कप्तान ने बताया कि कोचिंग से निकल करके नाबालिग छात्र बाहर खड़ा होकर टेंपो का इंतजार कर रहा था। तभी सफेद रंग की इंडिका कार आकर रुकी। कार से दो लोग नीचे उतर कर आए और देशदीपक से उसके पिता का परिचित बताते हुए दसवां मील छोड़ देने की बात कही। अपहृर्ताओं के मंसूबे से नावाकिफ छात्र को इसके बाद जबरन कार में बिठा लिया गया। इसके बाद दसवां मील से आगे बढ़ने पर अपहृर्ताओं ने छात्र के आंखों में पट्टी बांध करके उसे बहुआ की ओर ले गए। बीच रास्ते में देश दीपक से उसके पिता के मोबाइल नंबर पर कॉल करवा करके 25 लाख की फिरौती की मांग की।
इस मामले में अपहृत छात्र की मां श्यामा देवी की ओर से मुकदमा पंजीकृत कराया था। एसपी ने बताया कि अपहृत छात्र की सकुशल बरामदगी के लिए क्राइम ब्रांच के अलावा चांदपुर, थरियांव, गाजीपुर व हुसैनगंज पुलिस की टीमें गठित करके अपहरणकर्ताओं पर दबाव बनाया शुरू किया। जिसके चलते सोमवार की सुबह साढ़े पांच बजे अपहरणकर्ता, अगवा छात्र को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बड़ौरी मोड़ पर छोड़ कर फरार हो गए।
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चालक को सामने आने पर पहचान लूंगा
एलआईसी एजेंट राम किशोर के पुत्र देश दीपक उर्फ लोहा करीब हफ्ता भर अपहृर्ताओं की यातना सहता रहा। मीडिया से बातचीत में बताया कि उसके साथ बदमाश हरेक दिन मारपीट करते थे। दहशतजदा छात्र ने कहा कि वह कार के चालक को पहचान गया है।
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किसी से दुश्मनी नहीं
एलआईसी एजेंट राम किशोर ने बताया कि उसकी किसी से दुश्मनी नहीं है। चूंकि वह नीचे से ऊपर तक उठा है, ऐसे में हो सकता है कि किसी ने रार मान ली हो। इस प्रकरण मेें किसी गांव वाले या परिचित के हाथ से इंकार नहीं किया जा सकता है।