सीएमओ आफिस में दस्तावेजों खंगालती नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार।
- फोटो : FATEHPUR
फतेहपुर। प्रदेश सरकार में वित्त सचिव और जिले के नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार ने सीएमओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लेखा कक्ष, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन कक्ष, डब्लूएचओ कक्ष, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत (गोल्डन कार्ड) फीडिंग कक्षों का निरीक्षण किया। इन अनुभागों में अभिलेखों का रखरखाव ठीक न मिलने पर नोडल अधिकारी नाराज हुए। उन्होंने वित्त अनुभाग के तीन लिपिकों का वेतन रोकने और सीएमओ को एनएचएम के पटल प्रभारी को काम से हटाने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी का यह रूप देखकर वहां मौजूद चिकित्साधिकारी और कर्मचारी सन्न रह गए।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में कैश बुक, आशा भुगतान रजिस्टर, जननी सुरक्षा योजना के रजिस्टर अपूर्ण होने पर पटल प्रभारी उदय प्रताप को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने लेखा कक्ष में अनुदान संख्या 39, व्यय रजिस्टर, वेतन, यात्रा भत्ता, विद्युत, लेखन, सातवें वेतन एरियर भुगतान रजिस्टर को देखा, जिसमें 90 प्रतिशत लोगों का भुगतान किया गया है। 10 प्रतिशत भुगतान अवशेष पाए जाने पर लिपिक राकेश श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव व अजय मिश्रा का जनवरी माह का वेतन रोकने के निर्देश सीएमओ को दिए। उन्होंने डीएम से कहा कि लेखा कार्य की स्पेशल ऑडिट कराएं। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि जननी सुरक्षा योजना के भुगतान 48 घंटे में किए जाए। डीएम ने कहा कि मरीजों के सहूलियत के लिए अस्पताल में टोलफ्री नंबर अंकित कराया जाएगा।
इसके बाद नोडल अधिकारी ने स्पोर्ट्स कालेज, तुराबअली का पुरवा मलिन बस्ती, नौबस्ता घाट (खागा) में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। मलिन बस्ती स्थित तालाब की सफाई करने के निर्देश दिए और बस्ती का गंदा पानी तालाब में गिराने को कहा। उन्होंने स्पोर्ट्स कालेज, नौबस्ता पुल के कार्यों में तेजी लाकर त्वरित गति से निर्धारित समयावधि में परियोजनाओं को पूर्ण करने को कहा। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण की तकनीकी टीम को निर्देश दिए कि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाए। इस अवसर पर एसडीएम प्रमोद झा, डीडीओ रमेश चंद्रा, पीडी एके निगम, सीएमओ डा. उमाकांत पांडेय, एसीएमओ डॉ. संजय जौहरी, डॉ. भूपेश द्विवेदी, डॉ. संजय कुमार सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।