घटना स्थल पर रोते बिलखते परिजन
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खागा कोतवाली के सतनरैनी गांव के पास मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे नेशनल हाईवे क्रास करते समय तेज रफ्तार इनोवा ने साइकिल सवार छात्रा को कुचल दिया। घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने तीन घंटे तक हाईवे पर जाम लगाकर मुआवजे की मांग की। इस दौरान वाहनों का रेला लग गया। तहसीलदार के आश्वासन देने पर यातायात बहाल हो सका।
कोतवाली के उम्मेदपुर मजरे टेनी निवासी मजदूर गया प्रसाद पटेल की सबसे छोटी बेटी बबली (16) खागा के आशा सिंह बालिका इंटर कालेज मेें कक्षा 10 की छात्रा थी। बबली साइकिल से कालेज जा रही थी। जिस इनोवा से हादसा हुआ वह इलाहाबाद से फतेहपुर की ओर आ रही थी। हादसा देख कुछ बाइक सवारों ने इनोवा को पकड़ने की कोशिश की पर नाकाम रहे। छात्रा की मौत की खबर पर ग्रामीणों का हुजूम सड़क पर आ गया। रोते बिलखते परिजनों को दिलासा दिलाते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे एक साइड का ट्रैफिक पूरी तरह से ठप हो गया। जाम की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन ग्रामीण सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। तब कोतवाल ने सीओ अतुल कुमार चौबे को जानकारी दी। लोगों का गुस्सा देख खागा कोतवाली समेत सुल्तानपुर घोष और थरियांव थाने का फोर्स भी मौके पर बुलाया गया।
तहसीलदार राम स्वरूप व सीओ पहुंचे तो ग्रामीण मृतका के परिवार की गरीबी का हवाला देकर पांच लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। तहसीलदार ने आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया। मृतका के पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
पेपर ने कर दिया बहन से जुदा
उम्मेदपुर गांव के गया प्रसाद के तीन बेटे और तीन बेटियां थीं। तीनों बेटे पिता का मजदूरी मेें हाथ बंटाते हैं। बड़ी बेटी का विवाह कई साल पहले हो चुका है। बबली और मंझली बहन अंशू आशा सिंह बालिका इंटर कालेज में पढ़ती थीं। अंशू कक्षा 11 में पढ़ती है। दोनों बहनें एक ही साइकिल से साथ स्कूल जाती थीं। अंशू का कहना था कि स्कूल में हो रहे पेपर ने उससे उसकी बहन को जुदा कर दिया। दोनों के पेपर की टाइमिंग में अंतर है। इस वजह से आजकल अलग-अलग जाना पड़ रहा था।
महज 100 मीटर पर चौकी, फिर भी जाम
घटनास्थल महिचा मंदिर पुलिस चौकी से महज 100 मीटर की दूरी पर है। अक्सर इस जगह हादसे होते हैं और जाम की स्थितियां बनतीं हैं। इसके बावजूद पुलिस जाम व हादसों पर रोक लगाने के लिए ठोस प्रयास नहीं कर रही है। मंगलवार को भी जाम से इलाहाबाद से फतेहपुर का ट्रैक पूरी तरह बाधित रहा। जिसमें तमाम वाहन फंसे रहे। इन वाहनों में दफ्तर पहुंचने वाले भी थे और दवा लेने के लिए कानपुर जाने वाले गंभीर रोगी भी। जाम में फंसे लोग ग्रामीणों के साथ ही पुलिस महकमे की निष्क्रियता को भी दोषी ठहराते रहे।