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बैंक पहुंचे लोग, दुकानदारों से भी झड़प

Wed, 09 Nov 2016 12:38 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
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एसबीआई के बाहर जमा लोग - फोटो : Amar ujala
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केंद्र सरकार के आधी रात से 500 व 1000 के नोट बंद करने के फैसले की भनक लगते ही विरोध शुरू हो गया। शहर की एसबीआई की मेन ब्रांच में तमाम लोग जा पहुंचे । रात मेें ही नोट जमा करने का जोर देना शुरू कर दिया। कर्मचारियों को उन्हें समझाने में पसीना बहाना पड़ा। उधर दुकानदारों ने भी 10 के सिक्के की तरह इन दोनों नोट को लेने से मना करना शुरू कर दिया। जिससे कई जगह पर नोकझोक की स्थिति बनी दिखाई दी। कुछ पेट्रोल पंप से लोगोें को बिना पेट्रोल और डीजल के लौटना पड़ा। प्राइवेट अस्पतालों में भी ऊहापोह की स्थिति रही। इस फैसले से जहां जनता हतप्रभ है वहीं विरोधी दल आंदोलन का तरीका ढ़ूढ रहे हैं। बता दें कि बुधवार को बैंक और एटीएम बंद रहेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालाधन पर सर्जिकल स्ट्राइक बताते हुए यह फैसला लिया है। इस फैसले के टीवी चैनल पर प्रसारित होते ही जिले में भी अफरातफरी का माहौल हो गया। जिनके पास 500 और 1000 के नोट हैं। वह इन्हें खपाने का जतन ढ़ूढते और परेशान नजर आए। हाल यह हो गए है कि लोग घरों से निकल कर सीधे बैंक जा पहुंचे। पत्थरकटा चौराहा में एसबीआई कर्मियों को पब्लिक को समझाना पड़ गया। कर्मचारियोें के समझाने पर लोग वापस घर लौटे। श्याम नर्सिंगहोम के मैनेजर संदीप उत्तम ने बताया कि इमरजेंसी के नाम पर    मरीजों को भर्ती कर रहे हैं।  यह सुविधा  दी गई कि तीमारदार स्थिति साफ होने के बाद पैसा जमा कर सकते हैं।

उधर बसपा के जिलाध्यक्ष सीताराम गौतम ने कहा कि सरकार को पहले विज्ञापन निकाल कर जनता को जागरूक करना चाहिए था। जल्दी में लिए गए इस निर्णय का विरोध किया जाएगा।  सुप्रीमो के निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद आरिवऊ गुड्डा ने कहा कि यह फैसला तुगलकी है। कांग्रेस इसका विरोध करेगी। इस तरह का कदम जनता के साथ खिलवाड़ है। सपा के जिला उपाध्यक्ष पवन मिश्र का कहना है कि पार्टी ने इस फैसले के विरोध का निर्णय लिया है। सड़क पर उतर कर विरोध किया जाएगा। हाई कमान का इंतजार किया जा रहा है। वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष दिनेश बाजपेई ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे गरीब और राष्ट्रहित में बताया है। पब्लिक मेें मसवानी के विनोद गुप्त ने बताया कि वह बैंक मेें पता करने आए हैं कि उनके नोट कैसे लिए जाएंगे। सिविल लाइन के तनुजप्रिय जीतू ने बताया कि मोदी ने आर्थिक इमरजेंसी लागू कर दी है।
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  एटीएम में सन्नाटा पसर गया। इसकी वजह 500 व 1000 के नोट का मशीन से निकलना रहा। लोग इस डर से एटीएम नहीं गए कि अगर यह रुपये निकल गए तो खपेंगे कहां? बता दें कि ज्यादातर बैैंक के एटीएम 100 के नोट के बजाय 500 व 1000 के ही नोट निकालते हैं।
एसबीआई मेन ब्रांच की मैनेजर प्रीति सचान ने बताया कि बुधवार को बैंक व एटीएम बंद रखने का आदेश आया है। गुरुवार को बैंक खोल कर ग्राहकों से 500 व 1000 के नोट जमा किए जाएंगे। हालांकि इसकी विस्तृत गाइड लाइन भी गुरुवार को आएगी।
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