फतेहपुर। लखनऊ के फैजाबादगलत इलाज से बुझे चिराग के घर मातम रोड में सुमित सेठ सर्जिकल क्लीनिक पर पथरी के आपरेशन के दौरान दम तोड़ने वाले शिवम शुक्ला के परिजन अभी तक सदमे में हैं। बहन, छोटे भाई की मौत से आहत है। बड़ा भाई, छोटे के आदर्श को याद कर आंखें भर लेता है। दीपावली पर भी खुशी नहीं मनाई गई। सभी शिवम को याद कर रोते रहे।
शहर के कलक्टरगंज इलाके में रहने वाले निचली गंगा नहर में सींचपाल ज्ञानदेव शुक्ला के एक बेटी और दो बेटे थे। शिवम शुक्ला को पेट में पथरी की शिकायत होने पर लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसका इलाज डॉ. अरुण श्रीवास्तव कर रहे थे। शिवम की मौत के बाद टूटे माता व पिता तथा भाई को ढांढस बंधाने के लिए मायके आई बहन प्रिया ने बताया कि 20 जुलाई को चिकित्सक ने सरकारी अस्पताल में आपरेशन मशीन खराब होने की बात कह कर छोटे भाई को सुमित सेठ सर्जिकल क्लीनिक में भर्ती कराया था। बड़े भाई सत्यम ने आरोप लगाया कि डॉ. अरुण का लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से दूर दूर का नाता न होने के बाद आपरेशन किया। गलत इलाज से भाई छीन लिया।
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