शाह/फतेहपुर। गाजीपुर थानाक्षेत्र के अयाह गांव में युवक की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में एक प्रधान भी शामिल है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
गाजीपुर थानाक्षेत्र के चक मीरपुर निवासी अभिषेक उर्फ सोनू (22) पुत्र सुरेंद्र सिंह की बुधवार को गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। सोनू का शव गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर चकरोड किनारे डब्बू अवस्थी के बाग में पेड़ के नीचे पड़ा मिला था। परिजनों ने बताया कि सोनू दोपहर को 11 बजे बाइक बनवाने के लिए घर से निकला था और उसे गांव के पिंटू यादव पुत्र भिल्लू के साथ चकसकरन में
देखा गया था। घटना के बाद से पिंटू यादव फरार है। यह दोनों मित्र भी थे। मृतक के चाचा नागेंद्र सिंह ने चकमीरपुर के पिंटू और उसके पिता रामकिशोर, कुलदीप यादव उर्फ सोनू, विक्रम, चकसकरन प्रधान मुन्ना यादव के खिलाफ अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष नीरज यादव ने बताया हत्याकांड में हर बिंदु पर जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। जल्द आरोपी पकड़े जाएंगे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही पिंटू और उसके मां-बाप गायब हैं। घर में ताला बंद है। ग्रामीणों ने बताया कि पिंटू और सोनू दोनों काफी पुराने मित्र हैं। दोनों के घरों में महज 50 मीटर का फासला है। पिंटू 10 दिन पूर्व बेंगलूरू से आया था। वह वहां पर सटरिंग का काम करता था। पिंटू चार भाई हैं। हत्या के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
सोनू हत्याकांड में पुलिस को कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगे हैं। ग्रामीणों ने चकसकरन गांव में सोनू, पिंटू और एक अन्य युवक को शराब पीते देखा था। इसके बाद ही तीनों एक ही बाइक से निकले थे। तीसरे युवक को पहचाना नहीं जा सका है। पुलिस इसके बारे में पता कर रही है। बाइक मैकेनिक रामबरन से भी पुलिस ने पूछताछ की है।
मृतक सोनू कानपुर के एक हॉस्टल में कुक का काम करता था। वह लॉकडाउन में घर लौटा था। जिसके बाद गांव में ही रह रहा था। वहीं, पिंटू यादव कुछ दिन पहले ही बेंगलूरू काम पर गया था और फिर लौट आया। हत्याकांड के पीछे पुलिस पिंटू के बेंगलूरू से लौटने की जांच भी पुलिस कर रही है।