राधानगर-थरियांव उपकेंद्र की 33 केवीए की लाइन दो दिन
से ब्रेक डाउन है। इससे दो उपकेंद्रों में बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही
है। जिससे कई गांवों में बिजली गुल है। कई बार शिकायत के बाद भी कर्मचारी
ठीक करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। कड़ाके की ठंड में किसान रात भर बिजली
आने का इंतजार करता है।
थरियांव उपकेंद्र को आने वाली हाईटेंशन लाइन
में फाल्ट होना कोई नई बात नहीं है। सर्दी में कोहरा, बारिश में पानी पड़ते
ही खंभों पर लगे इंसुलेटर, डिस्क खराब होने लगते हैं। दो दिन से शाम होते
ही कोहरे की धुंध छा जाती है।
इससे रात को रोस्टर के मुताबिक बिजली सप्लाई
करते ही लाइन ट्रिप कर जाती है। इस हाईटेंशन लाइन से थरियांव, करमचंद्रपुर
सांढ़ा उपकेंद्र को बिजली दी जाती है। किसान व व्यापारी जर्जर तार, कमजोर
डिस्क व इंसुलेटर को बदलाने के लिए उपकेंद्र में धरना-प्रदर्शन कर चुके
हैं।
जिसमें अधिकारियों के आश्वासन पर किसानों का धरना-प्रदर्शन समाप्त हुआ
था। हाईटेंशन लाइन में बीच-बीच खंभा लगाने व नए इंसुलेटर, डिस्क बदलने का
टेंडर भी हुआ था। विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार ने आधा
अधूरा काम कर खानापूरी कर दी थी।
क्षेत्र
के मलांव, खरसोला, अजईपुर, संवत, मंडासराय, हंसवा, बहरामपुर, टेक्सारी
बुजुर्ग, सनगांव, जयसिंहपुर, बिलंदा, एकारी, उदयीसरांय, मुरांव, नौबस्ता,
सखियांव, घूरी, सुकुई, सेमरा, रामपुर इमादपुर, आमापुर, उसरैना, कमालीपुर,
सेमरइया समेत कई गांवों के किसानों को बिजली नहीं मिल रही है।
विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यू पॉल ने कहा कोहरे
की धुंध व बारिश के समय ऐसी समस्याएं आती हैं। इंसुलेटर, डिस्क में नमी
आने की वजह से फाल्ट हो जाता है। एसडीओ व जेई को निर्देश देकर फाल्ट सही
कराया जाएगा।
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