परिजनों के विरोध पर प्रेमी युगल ने गुरुवार तड़के पहर जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। जहर खाने के बाद युवक ने अपने भाई को फोन कर जानकारी दी थी। तभी मौके पर दोनों पक्ष के लोग पहुंचे। दोनों परिवारों में घटना से कोहराम मचा रहा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के खलीफापुर गांव निवासी शांतिलाल पासवान का पुत्र गुलाब पासवान (18) और उसी गांव की निशा उर्फ कल्लो (17) पुत्री लल्लू शाह में करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी दोनों पक्षों के परिजनों को रही है। दोनों पक्ष के लोग उनके अलग-अलग संप्रदाय के होने के कारण प्रेम प्रसंग का विरोध करते थे। लड़की के घरवालों ने उसकी शादी इलाहाबाद में तय कर दी थी और 22 सितंबर को बारात आनी थी। इस बात को लेकर प्रेमी युगल परेशान थे। दोनों घर से तड़के पहर शौच के बहाने निकले थे। रमवां स्टेशन के करीब झारखंडी माता के मंदिर के पास दोनों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने से दोनों की हालत बिगड़ने लगी। गुलाब ने अपने भाई विकास को मोबाइल पर जहर खा लेने की जानकारी दी। दोनों पक्षों के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। घर के लोग उन्हें गांव लेकर पहुंचे। जहां पर निशा की पहले मौत हो गई। उसके बाद गुलाब ने भी दम तोड़ दिया। सीओ सिटी वंदना सिंह और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया है।
आखिरी सांस पर समझ आया मौत का दर्द
- भाई को फोन करके जान बचा लेने की लगाई थी गुहार
- जहर खाने वाले प्रेमी युगल का मामला
फतेहपुर। मौत को गले लगाने वाले प्रेमी युगल को अंतिम सांसों में मौत का दर्द समझ आ गया था। उन्हें किसी तरह से जिंदगी बचाने की सूझी थी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जहर खाने के बाद गुलाब तड़पने लगा था। तभी उसने अपने भाई विकास को मोबाइल पर फोन किया लेकिन विकास सो रहा था और पहली बार में मोबाइल नहीं उठा था। इसके बाद दोबारा गुलाब ने मोबाइल पर कॉल की। इस मर्तबा मोबाइल उठा तो गुलाब ने भाई से कहा कि उसने जहरीला खा लिया है लेकिन किसी भी तरीके उसकी जान बचा लो। यह सुनकर विकास के होश उड़ गए थे। व चीख पुकार मचाते हुए मौके पर पहुंचे। तब भी गुलाब चीख रहा था उसकी जान बचा लो। वहीं कल्लो का भी ऐसा ही हाल रहा है। इस तरह से नादानी में मौत को गले लगाने वाले प्रेमी युगल आखिरी सांसों में मौत का दर्द का समझ आ गया था। वहीं घटना पूरे गांव के लिए चर्चा का विषय बनी रही है।
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कई दिनों से तनाव में था गुलाब
प्रेमिका की शादी की खबर सुनने के बाद से गुलाब तनाव में रहता था। उसने घर में बुधवार को खाना भी नहीं खाया था। वह गुमसुम रहने लगा था। किसी से कोई बातचीत भी नहीं करता था, लेकिन घरवालों यह अंदेशा नहीं थी कि गुलाब इस तरह का आत्मघाती कदम उठा लेगा। परिजन प्रेम प्रसंग की बात को मामूली समझते रहे हैं।
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मिश्रित आबादी का गांव खलीफापुर
खलीफापुर गांव में हिंदू और मुस्लिम की मिलीजुली आबादी है। मिश्रित आबादी के गांव में हिंदुओं में अधिकांश दलितों के ही परिवार है। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा रहा है। दोनों परिवारों के घर पर ग्रामीणों का आना जाना लगा रहा है।