दुष्कर्म के एक मामले में कोर्ट नंबर एक की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋचा जोशी ने दो मुजरिमों को सश्रम दस साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है। मामला न्यायालय में आठ साल से विचाराधीन था। अदालत का फैसला आने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। खास बात यह है कि पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिसे पीड़िता ने कोर्ट में चुनौती दी थी।
घटना कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर स्थित तांबेश्वर मंदिर के पास की है। पीड़िता का पति जेल में बंद था। पीड़िता 21 अगस्त 2010 को अपने पति से मिलने ललौली से जेल गई थी। शाम चार बजे जब वह घर लौट रही थी। रास्ते में आरोपी धर्मेंद्र कुमार उर्फ शीलू निवासी रसूलपुर ललौली, श्याम किशोर उर्फ गोरे निवासी भदवा थाना मलवां ने उसे बुलेरो में घसीटकर बिठा लिया। कार में पीड़िता से बलात्कार किया। सुबह पांच बजे पीड़िता को सौरा पेट्रोल पंप के पास सड़क पर फेंक दिया था। प्रकरण में सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव ने कई साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। जिन्हें संज्ञान में लेते हुए अपर जिला जज ऋचा जोशी ने दोनों को दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है। इसके साथ ही अर्थदंड की धनराशि से तीस हजार रुपये पीड़िता को भी देय होगा। अर्थदंड का भुगतान ना करने पर अदालत ने अभियुक्तों को दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया है।