फतेहपुर। दहेज हत्या में कोर्ट ने पति और ससुर को दोषी करार दिया। एडीजे कोर्ट द्वितीय की न्यायाधीश पूजा विश्वकर्मा ने दोनों को सात-सात साल की कैद और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
थरियांव थाने के चकमुगल निवासी वादी रामआसरे लोधी ने पुत्री वंदना की शादी नौ अक्तूबर 2013 को गाजीपुर थाने के बरुहा निवासी छेद्दा लोधी के पुत्र मनोज लोधी से की थी। चौथी पर वंदना के ससुराल लौटने के बाद ससुराली दहेज में भैंस और बाइक की मांग कर उसे प्रताड़ित करने लगे। रामआसरे ने किसी तरह भैंस दे दी लेकिन बाइक नहीं दे सके।
मांग पूरी न होने पर छह अक्तूबर 2013 को ससुरालियों ने वंदना की गला दबाकर हत्या कर शव फंदे से लटका दिया था। रामआसरे की तहरीर पर पति मनोज, ससुर छेद्दा, चचिया ससुर छोटा और सास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान छोटा को आरोपों से बाहर कर दिया और पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। मुकदमे के दौरान रामरती की मौत हो गई। कोर्ट में कुल आठ गवाह पेश किए गए। सोमवार को अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने पति मनोज और ससुर छेद्दा को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।