गाजीपुर थानाक्षेत्र के मदरियापुर गांव में निर्माणाधीन मकान की छत पर सरिया हाईटेंशन लाइन में टकरा गई। सरिया में दौड़े करंट की चपेट में आने से मजदूर इंद्रपाल उर्फ दरोगा (26) की मंगलवार दोपहर मौत हो गई। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया।
मलवां थानाक्षेत्र के तारापुर असवार गांव निवासी इंद्रपाल उर्फ दरोगा पुत्र धांधू गांव के शिदिर पाल उर्फ पटेल के कहने पर मदरियापुर गांव में मजदूरी करने गए थे। छत पर सरिया सीधी करने का काम कर रहे थे। तभी सरिया हाईटेंशन लाइन में टकरा गई।
हादसा देखकर मजदूरों ने दरोगा को बचाने की कोशिश की। मामले की खबर 100 नंबर पर ग्रामीणों ने दी। राधानगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने समाजसेवी अशोक तपस्वी की एंबुलेंस से मजदूर को जिला अस्पताल भेजा। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भाई जगदीश ने आरोप लगाया कि करंट लगने के बाद काफी देर तक इंद्रपाल को इलाज नहीं मिला, जिसकारण भाई की जान चली गई।
गर्भवती पत्नी का हाल बेहाल
फतेहपुर। इंद्रपाल उर्फ दरोगा दिल्ली में पहले प्राइवेट नौकरी करते थे। दिल्ली से गांव लौटने पर काम न होने के कारण मजदूरी करने चले जाते थे। इंद्रपाल का शव देखकर पत्नी उमा देवी का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। उसकी तीन साल पहले शादी हुई थी। एक डेढ़ साल की बेटी है। वह चार माह की गर्भवती भी है। इस हालत में सुहाग छिन जाने से उस पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा।
मार्च्युरी से शव उठा ले जाने की कोशिश
जिला अस्पताल प्रशासन ने इंद्रपाल का शव मार्च्युरी में रखवा दिया। कुछ घंटे बाद काफी संख्या में लोग मार्च्युरी पहुंचे। वहां शव देखने के बहाने बाहर रखवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम न कराने की बात कह कर शव ले जाने लगे।
कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। संख्या काफी देखकर कर्मचारी भी सहम गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ को हटाया और पोस्टमार्टम के बाद ही शव ले जाने को कहा। शव ले जाने वाले निर्माणाधीन मकान के मालिक और उनके समर्थक बताए जा रहे हैं।