फोटो 21- फाइल फोटो रामनरेश। स्रोत परिजन
हसवा। थाना क्षेत्र के बिलंदा (सरांय सईद खां) गांव में शुक्रवार शाम मकान की स्लैब डलवाने के दौरान छत से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से गृहस्वामी गंभीर रूप से झुलस गया। इलाज के दौरान नर्सिंग होम में उसकी मौत हो गई। पत्नी ने उपकेंद्र कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शटडाउन लेने के बावजूद विद्युत आपूर्ति बंद नहीं की गई। इससे पति की जान चली गई।
गांव निवासी राम नरेश वाल्मीकि (34) मजदूरी और खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। शुक्रवार शाम वह मजदूरों के साथ अपने मकान की स्लैब डलवा रहे थे। तभी किसी काम से छत पर गुजरी हाईटेंशन लाइन के पास पहुंचने पर वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पत्नी कौशल्या का आरोप है कि स्लैब डालने से पहले पति ने उपकेंद्र के एक कर्मचारी से शटडाउन लिया था। उपकेंद्र कर्मियों की लापरवाही के चलते लाइन चालू रही और हादसे में उनकी जान चली गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई मकान हाईटेंशन लाइन की जद में हैं। कई स्थानों पर लाइन छतों से महज दो फीट की ऊंचाई पर गुजर रही है।
प्रभारी निरीक्षक एसबी सिंह ने बताया कि तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी। अधीक्षण अभियंता अनिल वर्मा ने कहा कि हादसे की जानकारी नहीं मिली है। यदि किसी को शटडाउन की आवश्यकता होती है तो उसे संबंधित उपकेंद्र पर जाकर नियमानुसार रजिस्टर में आवेदन दर्ज कराना चाहिए। मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फोटो 21- फाइल फोटो रामनरेश। स्रोत परिजन
फोटो 21- फाइल फोटो रामनरेश। स्रोत परिजन