इस बार होलिका दहन 23 मार्च की भोर तक सूर्योदय से पहले होगा। जबकि रंग 24 मार्च को खेला जाएगा। होलिका दहन में तीन शर्तों का अनुपालन किया जाता है फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा की तिथि हो, भद्रा न हो एवं रात में ही होलिका जलाए। खुशियों और रंगों का पर्व होली का इंतजार हर किसी को है।
आचार्यों के मुताबिक होलिका दहन का मुहूर्त मंगलवार को रात्रि 11 बजे से शुरू हो रहा है। उधर आचार्य पंडित राज किशोर द्विवेदी ने कहा कि मंगलवार की रात्रि तीन बजकर 19 मिनट से पांच बजे तक होलिका दहन शुभ माना गया है। कर्क और कन्या राशि वालों का प्रथम दर्शन वर्जित है।
अन्य राशि वालों के लिए होलिका पूजन एवं दर्शन शुभ एवं कल्याणकारी है। 23 मार्च को शाम 4.07 मिनट तक पूर्णिमा तिथि होने के कारण अंझा रहेगा। इसलिए 24 मार्च यानी परेवा के दिन गुरुवार को रंग खेला जाएगा। वहीं 25 मार्च भाई दूज होगी। उन्होंने बताया कि 28 मार्च सोमवार को रंग पंचमी तथा 31 मार्च को शीतला अष्टमी मनाई जाएगी।