फतेहपुर। जनपद के कई सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगे 50 फीसदी हेल्थ एटीएम खराब हो गए हैं। यहां 12 मशीनों में से सिर्फ सात मशीनें ही काम कर रही हैं। असोथर व बिंदकी में लगे हेेल्थ एटीएम पूरी तरह खराब हैं, जबकि भिटौरा, जहानाबाद और अमौली में कुछ ही जांचें हो रही हैं। इससे मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जांच के लिए निजी केंद्रों में जाकर पैसे खर्च करने पड़ते हैं। गाजीपुर, गोपालगंज, देवमई, कोराईं, खागा और खखरेरू की मशीनें चालू हैं। यहां सभी जांचें हो रही हैं।
असोथर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हेल्थ एटीएम पिछले दो माह से पूरी तरह बंद है। इससे कोई जांच नहीं हो रही है। मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। प्रभारी गुप्ता ने बताया कि रीजेंट न होने से एटीम बंद पड़ा है। रीजेंट के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है। रीजेंट आने पर ही जांच की सुविधा शुरू हो सकेगी।
बिंदकी सीएचसी में लगे हेल्थ एटीएम की स्क्रीन खराब है। यहां भी सिर्फ ब्लड प्रेशर और पल्स की जांच हो रही है। एक माह से दिक्कत बनी हुई है। प्रभारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि इंजीनियर को बुलाया है। शुक्रवार तक ठीक होने की संभावना है।
भिटौरा, जहानाबाद और अमौली में महज कुछ ही जांचें हो रही हैं। यहां शुगर, बीपी, वेट, एचबी और आई टेस्ट जैसी जांच शामिल हैं, जबकि हेल्थ एटीएम में कुल 17 जांचें होती हैं। सभी जांचें न होने से भी मरीजों को परेशानी होती है। उन्हें कई जांचें बाहर की पैथोलॉजी में करानी पड़ती हैं। भिटौरा पीएचसी के प्रभारी डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि कुछ जांचें हो रही हैं। किट न होने से अन्य जांचें नहीं हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई है। जहानाबाद के प्रभारी डॉ. जेसी वर्मा, बाकी जांचों के लिए किट न होने से अन्य जांच नहीं हो रही हैं।
हेल्थ एटीएम में कुल 32 जांचें होती हैं। इनमें शुगर, डेंगू, ब्लड ग्रुप, एमपी, विडॉल, एचबी, यूपीटी, एएफबी, एचआईवी, वीडीआरएस, एचसीवी, एचबीएसएजी, डीजीटीटी, यूरिन प्रोटीन, सीबीजी आदि की जांचें होती हैं।
मशीनें खराब होने मामला संज्ञान में आया है। मशीनों की सामग्री रीजेंट व किट कंपनी से ही आते हैं। उन्हें कूरियर के जरिए मंगाया जा रहा है। जल्द ही मशीनें ठीक करने का प्रयास होगा।
डॉ. निशांत शहाबुद्दीन, नोडल हेल्थ एटीएम