मीडिया से रूबरू होते किन्नर समाज के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल।
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खुशियों का सारथी बनने वाले थर्ड जेंडर को सखी, हिजड़ा आदि कहने की बजाय किन्नर नाम से पुकारा जाए। भारतीय गाथा में इस नाम का जगह-जगह उल्लेख है। सरकार ऐसी हो, जो पूरे समाज का भला देखे और उसी के अनुरूप काम करे। किन्नरों को बदनाम करने वाले चेहरों को बेनकाब किया जाएगा।
पीरनपुर इलाके में किन्नर समाज के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल बाई ने गुरुवार को मीडिया से यह पीड़ा बयां की।
प्रदेश अध्यक्ष किन्नर इकबाल बाई ने कहा कि एक पहचान काफी है। सरकार ने थर्ड जेंडर का दर्जा देकर नेक काम किया है। हमारा समाज दूसरों की खुशियों में शरीक होता है। समाज का मानना है कि खुशियों की बेला पर हमारे कदम पड़ने से खुशियों में और भी इजाफा होता है। बताया कि जिले मेें समाज के 52 लोग नेग मांगने के पेशे से जुड़े हुए हैं। इन सभी के लिए संगठन काम कर रहा है।
31 मई को बिंदकी कोतवाली में रेखा नाम के शख्स ने नकली किन्नर बनकर उगाही करने की शिकायत वाले को ही फर्जी किन्नर करार दिया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किन्नरों की सूची से रेखा नाम गायब है। खुलासा किया रेखा हत्या के मामले में दोषी है, उस पर जहानाबाद गद्दी की मालकिन मीना उर्फ नीरू की साथियों के साथ हत्या करने का आरोप है।
कहा समाज को बदनाम करने वाला किन्नर नहीं हो सकता है। ऐसे शख्स के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। कांफ्रेंस में सलमा बाई किन्नर, नब्बू बाई किन्नर, बबली बाई किन्नर, विमला बाई किन्नर, अंजू बाई किन्नर, सानिया बाई किन्नर, नगमा बाई किन्नर, हिना नायक किन्नर, अंगूरी नायक किन्नर, गुलशन बिंदु किन्नर भी मौजूद रहे।