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Fatehpur News: 7.50 लाख के लालच में कराई थी हिस्ट्रीशीटर की हत्या

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फाइल फोटो-28-रामप्रकाश। स्रोत: परिजन
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फतेहपुर। सदर कोतवाली क्षेत्र के गयादीन बाबा रोड-भैरमपुर मार्ग पर हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश गुप्ता उर्फ लक्ष्मी की हत्या में पुलिस ने मकान मालिक दंपती समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो तमंचे, तीन मोबाइल फोन, दो बाइक और 1310 रुपये बरामद किए गए हैं।
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खुशवक्तराय नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश का 30 जुलाई को शव मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने बकंधा ईंट भट्ठा के पास से नासिरपीर मोहल्ला निवासी मकान मालिक अनिल कुमार लोधी, पत्नी मीना, साढ़ू के पुत्र शिवा लोधी, भांजे ईशू लोधी और चित्रांश नगर निवासी श्यामा पत्नी स्व. जितेंद्र लोधी को गिरफ्तार किया है। कानपुर कोयला नगर निवासी अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
पुलिस लाइन में एएसपी ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर रामप्रकाश का पिता रामसजीवन से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसके चलते नवंबर 2024 में राधानगर स्थित मकान रामसजीवन ने 75 लाख रुपये में बेच दिया था। इसमें रामप्रकाश के हिस्से में 27.50 लाख रुपये आए थे।
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नशे की लत का फायदा उठाकर मकान मालिक अनिल और उसकी पत्नी मीना ने रामप्रकाश को विश्वास में ले लिया था। इसके बाद अनिल ने हिस्ट्रीशीटर के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवाया और उसमें अपना मोबाइल नंबर जुड़वा लिया। इसके बाद खाते से अधिकांश रकम अपने इस्तेमाल में ले ली। अनिल ने 2.50 लाख रुपये की बुलेट भी अपने नाम पर खरीदी थी।
वहीं करीब पांच लाख रुपये अपने रिश्तेदार अक्षय उर्फ कृष्ण कुमार को ब्याज पर दिलाए थे। इस तरह रामप्रकाश के करीब 7.50 लाख रुपये अनिल के कब्जे में थे। जेल से छूटने के बाद करीब चार माह से हिस्ट्रीशीटर रुपये वापस मांग रहा था। इसी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई थी।
विवाद खत्म कराने के बहाने बातचीत के लिए श्यामा ने घटना वाली रात हिस्ट्रीशीटर को घर के नीचे बुलाया। यहां से शिवा, ईशू और अनिल उसे बाइक से घटनास्थल पर ले गए। शराब पिलाकर नशे की हालत में करने के बाद शिवा ने तमंचे से सटाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। अनिल ने हत्या के बदले अक्षय से मिलने वाली रकम में सभी को हिस्सा देने की बात कही थी।
पुलिस ने अनिल की पत्नी मीना और अक्षय को साजिश में आरोपी बनाया है। आरोपियों तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल सीडीआर अहम रहे। पुलिस को एक तमंचा शिवा के पास से मिला है जिसका इस्तेमाल घटना में किया गया था।
दूसरा तमंचा हिस्ट्रीशीटर के कमरे में रखे बक्से से बरामद हुआ है। माना जा रहा है कि उसे अपनी हत्या की आशंका थी इसलिए उसने सुरक्षा के लिए तमंचा रखा था। पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।

मीना ने प्लॉट की भी अपने नाम कराई पावर ऑफ अटॉर्नी
मकान बेचने से मिली रकम के बाद हिस्ट्रीशीटर ने मलवां थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रेमिका के नाम कानपुर में प्लॉट खरीदा था। साजिश के तहत मीना ने उसे विश्वास में लिया। हिस्ट्रीशीटर ने मीना के बहकावे में आकर एक साल पहले प्रेमिका के नाम खरीदे गए प्लॉट की खुद की पावर ऑफ अटॉर्नी कराई थी। इसके बाद मीना ने हिस्ट्रीशीटर से अपने नाम पर भी पावर ऑफ अटॉर्नी करा ली। इस तरह अनिल और उसकी पत्नी मीना ने हिस्ट्रीशीटर की करीब 27 लाख रुपये की रकम हड़प ली थी।


मादक पदार्थ तस्करी में चर्चित रहा आरोपी दंपती
नासिरपीर इलाके में अनिल और उसकी पत्नी मीना मादक पदार्थ बेचने के लिए चर्चित हैं। दोनों कई वर्षों से अपने घर से ही मादक पदार्थ की बिक्री करते आ रहे हैं। पुलिस ने दंपती को वर्ष 2021 में पकड़ा था। चर्चा है कि इलाकाई पुलिस को भी दंपती के इस काम की जानकारी थी।

अवैध संबंध के जाल में फंसा था हिस्ट्रीशीटर
पुलिस ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर अवैध संबंधों के जाल में फंसा हुआ था। आशंका है कि उसे ब्लैकमेल भी किया जाता रहा। ब्लैकमेल कर उसकी संपत्ति धीरे-धीरे हड़प ली गई। जांच में हिस्ट्रीशीटर के तीन महिलाओं से अवैध संबंध होने की बात सामने आई है। पुलिस का मानना है कि इसी रकम से आरोपी दंपती ने अपनी तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कराया।

फाइल फोटो-28-रामप्रकाश। स्रोत: परिजन

फाइल फोटो-28-रामप्रकाश। स्रोत: परिजन

फाइल फोटो-28-रामप्रकाश। स्रोत: परिजन

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