फतेहपुर। जिला महिला अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके गुप्ता का कहना है कि काम के बोझ से वह बीमार हो गए हैं। डिप्रेशन के अलावा उन्हें कई बीमारियों ने घेर लिया है। यही वजह है कि बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में ही भर्ती होकर ग्लूकोज की बोतल तक चढ़वानी पड़ी। गुरुवार को थोड़ा आराम मिला तो उन्हें अस्पताल से घर भेज दिया गया। उन्होंने सीएमएस पर ज्यादा काम कराने का आरोप लगाया है। कहा कि महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की वजह से यह स्थिति बनी है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि बुधवार को उनकी प्लेटलेट्स 28000 पहुंच गई। इस पर उन्हें भर्ती होना पड़ा। हालांकि डेंगू या मलेरिया नहीं निकला। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में वह एक अकेले डॉक्टर हैं। डॉ. रोशनी गुप्ता और एचओडी डॉ. प्रज्ञा मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं।
इससे वह 24 घंटे ऑनकॉल रहते हैं। महीने में 75 से 80 सर्जरी अकेले करते हैं। तीन दिन ओपीडी भी देखते हैं। वहीं सीएमएस डॉ पीके सिंह का कहना है कि महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। डॉ. पीके गुप्ता पर कोई दबाव नहीं है। सीएमओ से सीएचसी के डॉक्टरों की मांग की गई है।