12 जून 2021 को प्रकाशित खबर। संवाद
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फतेहपुर। भिटौरा ब्लॉक के सेनपुर ग्राम पंचायत में चुनाव के दौरा एससी वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर सामान्य जाति का प्रधान बन जाने के मामले में एसडीएम कोर्ट का फैसला आ गया। पंचायत अधिनियम के तहत एसडीएम नवनीत सेहरा (आईएएस) ने पंचायत चुनाव में चुने गए प्रधान का पद शून्य घोषित कर दिया है। इस मसले की पैरवी अधिवक्ता शाश्वत गर्ग कर रहे थे।
पंचायत चुनाव में भिटौरा ब्लॉक में सेनपुर ग्राम पंचायत की प्रधान पद की सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित थी। यहां से नवाज शरीफ ने चुनाव जीता। यह खबर अमर उजाला ने 12 जून के अंक में प्रमुखता से पेज एक पर प्रकाशित की थी। चुनाव में दूसरे नंबर रहे जितेंद्र पाल ने डीएम से उसी समय शिकायत की थी कि नवाज शरीफ सामान्य जाति के हैं। उन्होंने एससी का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर बनवाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ा है। यह भी बताया था कि नवाज की मां चांदनी बेगम 2015 के चुनाव में सामान्य सीट पर चुनाव जीतकर ग्राम प्रधान बनीं थीं। उनके राशन कार्ड में पूरे परिवार की जाति सामान्य दर्ज है। 24 मई 2021 को हुई इस शिकायत की जांच हुई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे ने 15 फरवरी को नवाज शरीफ का सामान्य जाति का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। प्रधान पद के चुनाव की वैधता को लेकर एसडीएम कोर्ट में वाद दाखिल हुआ। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता शाश्वत गर्ग ने की।
उनकी दलीलें व पेश किए गए साक्ष्यों को आधार मानते हुए एसडीएम सदर की अदालत ने ग्राम प्रधान पद को शून्य घोषित कर दिया है। इसके बाद से अब सेनपुर ग्राम प्रधान का पद रिक्त हो गया है। अब यहां पंचायत राज अधिनियम के तहत डीएम और जिला पंचायत राज अधिकारी पंचायत के संचालन के लिए कमेटी का गठन करेंगे। यहां उपचुनाव की सूचना निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी।