फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीपीएस ट्रैकर के शिकंजे में आएंगे थानेदार

Thu, 31 Dec 2015 01:19 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
आधुनिकता की दौड़ में पुलिस विभाग पीछे नहीं है। अब थानेदारों की पुलिसिंग के दावे की जांच पड़ताल जीपीएस ट्रैकर से होगी। गूगल मैप में कब, कौन, कहां है, इसका पता एक क्लिक के साथ लगेगा। इस हाईटेक सिस्टम की जद में 11 थानेदारों को लाया गया है।
विज्ञापन


 
पुलिस लाइन कंट्रोल रूम से एसपी राजीव मल्होत्रा के निर्देश पर बुधवार से जीपीएस (ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम) योजना को चालू किया गया है। एसपी ने कंट्रोल रूम में सिस्टम की पूरी जानकारी ली।


बताया कि सदर कोतवाली, खागा कोतवाली, बिंदकी कोतवाली, हाइवे के औंग, कल्यानपुर, मलवां, बकेवर, ललौली, गाजीपुर, जहानाबाद थानों के वाहनों पर जीपीएस लगाया गया है। यह वाहन की बैट्री से जोड़ा गया है।
विज्ञापन



वाहनों का लोकेशन संबंधित थानों से है। थाने से वाहन की दूरी और किस रूट पर होने पता लगता है। इससे थानों में बैठकर लोकेशन देने वाले थानेदार कहां पर हैं, इसकी सटीक जानकारी मिलेगी।


 
एसपी ने कंट्रोल रूम से ही कल्यानपुर एसओ का लोकेशन चेक किया, उनका वाहन हाइवे पर चितौरा के पास मिला। इसी तरह बिंदकी इंस्पेक्टर का लोकेशन कोतवाली में मिला। बकेवर एसओ का लोकेशन थाने से दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर रहा। थानेदार का वाहन कितनी स्पीड पर दौड़ रहा है, यह भी पता लगता है।



एसपी ने बताया कि इस सिस्टम से अपराधियों को पकड़ने में भी पुलिस को मदद मिलेगी। पुलिस कंट्रोल रूम पर वारदात के बाद पीड़ित की सूचना नोट होगी। उसी लोकेशन पर आसपास की पुलिस तत्काल अलर्ट किया जाएगा।


कंट्रोल रूम से ही संबधित थाने और आसपास के थानों की पुलिस अपराधियों की नाकेबंदी कर धरपकड़ कर सकेगी। पुलिस मौके पर कब पहुंची इसका भी पता लग सकेगा। इस मौके पर कंट्रोल रूम प्रभारी भारत सिंह सेंगर, एसपी पीआरओ अंजन कुमार सिंह मौजूद रहे हैं।


सभी सीओ के वाहनों में लगेगा जीपीएस - एसपी ने बताया कि जीपीएस हाईटेक व्यवस्था है। यह मात्र 300 रुपये प्रतिमाह के चार्ज पर उपलब्ध कराई गई है। इसे बाकी दस थानों और क्षेत्राधिकारियों के वाहनों पर लगाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें