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नगाडे़ की धुन पर प्रसन्न होती हैं मां ज्वाला देवी

Thu, 12 Mar 2015 01:01 AM IST
सुशील अवस्थी
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नगर के पुरानी बिंदकी स्थित सिद्धपीठ मां ज्वाला जी मंदिर में 12 मार्च से शुरू होने वाले पांच दिवसीय वार्षिकोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई है। मां की मूर्तियों व मंदिर की भव्य सजावट की जा चुकी है।
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भक्तों का मानना है कि इस वार्षिकोत्सव में जब तक मां ज्वाला देवी नगाडे़ की आवाज नहीं सुन लेतीं, तब तक वह प्रसन्न नहीं होती हैं। इसीलिए भक्तजनों के सहयोग से मेला कमेटी दो दिवसीय नौटंकी कराती चली आ रही है।

पुरानी बिंदकी मां ज्वाला जी का इतिहास तो इतना पुराना है। इस विशाल मंदिर का 1912 में नगर के जमींदार ज्वाला प्रसाद दुबे व भक्तजनों ने कराकर जीर्णोद्धार कराया था।
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इसके पहले मां एक मठिया में विराजमान थी, मन्नतें मांगने वालाें की हर मुराद यहां पूरी होती रही है। उस समय मां को प्रसन्न करने के लिए दो दिवसीय जबाबी नौटंकी का आयोजन किया जाता था।

तब से परंपरागत मेले की भव्यता को बढ़ाते हुए नौटंकी का आयोजन होता चला आ रहा है। मंदिर के पुजारी केशन सैनी बताते हैं कि एक बार भक्तों ने नौटंकी का आयोजन न कराकर जागरण का आयोजन कराया तो आंधी तूफान आने से कई लोग घायल हो गए थे। तब से निरंतर मां को प्रसन्न करने के लिए दो दिवसीय नौटंकी का आयोजन होता चला आ रहा है।

इस वार्षिकोत्व में जिले के ही नहीं बल्कि देश के कोने कोने से लोग आते हैं। पुरानी बिंदकी के बूढे़ बुजुर्ग बताते हैं कि आज भी रात्रि के अंधेरे में मां यहां जरूर आती हैं।

चैत्र की अष्टमी व नवमी को आयोजित होने वाले वार्षिकोत्सव की तैयारियां पूरी करने के साथ ही 12 मार्च से मेले का शुभारंभ हो जाएगा है।

मां का भव्य श्रृंगार भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेगा। मेला कमेटी के संरक्षक अजय कुमार भोला दीक्षित, गोली सिंह, रजोली गुप्ता, मुन्ना सिंह, अध्यक्ष जीतेंद्र सिह उर्फ बबलू, ने बताया कि वार्षिकोत्सव12 मार्च को वार्षिकोत्सव होलिका दहन से शुरू होगा।

मां ज्वाला देवी का प्रति  दिन भव्य श्रृंगार अलग- अलग अंदाज में होगा। अष्टमी पूजा के दिन विशाल मेले में मां के  भव्य दर्शन, व रात्रि में नगाड़ों की धुन के साथ नौटंकी होगी।
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