राजकीय इंटर कालेज में जल्द ही कंप्यूटर की पढ़ाई शुरू होगी। अर्से से ताले में बंद 51 कंप्यूटर को सुधरवाया जा रहा है। चालू सप्ताह में कालेज के प्रिंसिपल उदय प्रभात ने कक्ष का ताला खोलवाकर धूल धूसरित कंप्यूटर निकलवाए, जिनमें 22 कंप्यूटर चालू हालत में हैं। शेष की हार्डिक्स बदलने के लिए शासन से बजट मांगा है। उधर, प्रिंसिपल के इस कदम से जीआईसी कंप्यूटर शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो गई है। कालेज में 32 कंप्यूटरों से बच्चों का शिक्षा दी जा सकेगी।
राज्य सरकार ने वर्ष 2005 में राजकीय इंटर कालेज के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए एवरान इंडिया लिमिटेड से अनुबंध किया था। संस्था ने इसके लिए 51 कंप्यूटर और एक बड़ा जनरेटर लगाया था। पांच साल बाद अनुबंध समाप्त होने पर संस्था का शिक्षक कंप्यूटर कक्ष में ताला बंद करके चलता बना। इसके बाद शासन ने दूसरी संस्था एक्स्ट्रा मार्क से अनुबंध किया। इस संस्था ने 10 कंप्यूटर लगाकर बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देना शुरू किया। इस संस्था का अनुबंध पांच साल का था, जो पिछले सत्र में समाप्त हो चुका है और इसका शिक्षक भी लौट चुका है। चालू सत्र में बच्चों की कंप्यूटर शिक्षा व्यवस्था बंद देखकर कालेज प्रशासन ने अपने स्तर से व्यवस्था की है। पिछले सप्ताह प्रिंसिपल एवरान इंडिया के रखे कंप्यूटर बाहर निकलवाए हैं। इनमें क्रियाशील 22 क्रियाशील कंप्यूटर अपने लैब में लगवा दिए हैं। शेष कंप्यूटर स्टोर में रखाकर शासन से इनकी मरम्मत के लिए बजट मांगा है।
जीआईसी के कंप्यूटर कक्ष में अब एक साथ बैठकर 32 बच्चों के पढने की व्यवस्था हो गई है। कालेज प्रशासन ने अपने स्तर से एक शिक्षक की नियुक्ति कर रखी है, जो बच्चों को कंप्यूटर की शिक्षा देता है। जीआईसी प्रिंसिपल उदय प्रभात का कहना है कि वर्ष 2010 से कबाड़ हो रहे 51 कंप्यूटर अधिग्रहीत कर करके क्रियाशील कंप्यूटर कालेज के लैब में लगा लिए गए हैं। खराब कंप्यूटरों की मरम्मत के लिए शासन से बजट मांगा गया है। वर्तमान समय में उनके लैब में एक साथ 32 बच्चे बैठकर कंप्यूटर का ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सत्र से एक्स्ट्रा मार्क संस्था का अनुबंध समाप्त हो चुका है। ऐसी हालत में अब कालेज प्रशासन में अपने स्तर से कंप्यूटर प्रशिक्षक की व्यवस्था कर रखी है।