फतेहपुर। उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को स्वर्ण समाज के साथ अधिवक्ता, व्यापारी और समाजसेवी संगठनों के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और नियमों को शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक बताते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नए प्रावधानों से समाज में भ्रम, असुरक्षा का माहौल बन रहा है। छात्रों और शिक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ेगा और शिक्षण संस्थानों का वातावरण प्रभावित होगा।
पटेलनगर चौराहे पर एकत्रित होकर सभी लोग जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट परिसर पहुंचे जहां उन्होंने घेराव कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के नए नियमों को तत्काल वापस लेने, उनकी परिभाषा को केवल शिक्षण तक सीमित रखने, सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ समान दंड का प्रावधान लागू करने की मांग की गई।
चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो जनसैलाब के साथ दिल्ली पहुंचकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं उन्हें जाति आधारित प्रयोगशाला नहीं बनाया जाना चाहिए। यहां पर अधिवक्ता बम लहरी द्विवेदी, कोटेश्वर शुक्ला, नितिन त्रिपाठी, सांसद गर्ग, देवांश चतुर्वेदी, अवनीश दीक्षित, अतुल अवस्थी, विशिष्ट दीक्षित, पंकज तिवारी, पुष्पराज सिंह, अरुण जायसवाल, अरविंद दीक्षित, शंकर प्रसाद त्रिपाठी, अनिल द्विवेदी, समाजसेवी कंचन मिश्रा, युवा विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा, गोविंद तिवारी, पवन द्विवेदी, प्रदीप राज श्रीवास्तव, हिमांशु तिवारी, हरिओम द्विवेदी, धर्मेंद्र मिश्रा, राजकिशोर मिश्रा, रूपेश तिवारी, जनार्दन सिंह चौहान, आदित्य त्रिवेदी, विजय गुप्ता, संग्राम सिंह, कवि शुक्ला, प्रेम सागर मिश्रा, ओम द्विवेदी, गौरव तिवारी, नानी तिवारी, विवेक दुबे, अभय सिंह, अभय शुक्ला आदि रहे। इस दाैरान कलक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।