फतेहपुर। मानसूनी बारिश और हरिद्वार से गंगा में पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने राजस्व व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की बाढ़ चौकियों में तैनाती कर दी है। अधिकारियों ने भी बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
गंगा नदी के बाढ़ से प्रभावित होने वाला सबसे अधिक क्षेत्र मलवां ब्लाक का है। गंगा नदी के बाढ़ से जिले की पांडु नदी उफना जाती है। इससे तटवर्ती क्षेत्र के दर्जनभर गांव प्रभावित होते हैं। यहां पर जलस्तर बढ़ने से कटान भी तेज हो जाता है। बाढ़ नियंत्रण रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को भिटौरा में गंगा नदी का जलस्तर 96.120 मीटर पर था। शनिवार को गंगा नदी का जलस्तर 96.190 मीटर पर पहुंच गया और रविवार को 96.460 मीटर पर जलस्तर आ गया है जबकि यहां पर गंगा नदी के खतरे का निशान 100.86 मीटर पर है।
एसडीएम ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र का जाना हाल
औंग। गंगा में बढ़ते जलस्तर को लेकर बिंदकी एसडीएम विजयशंकर तिवारी ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्र का दौरा किया। गंगा और पांडु नदी के कटान वाले क्षेत्र को देखा। बाढ़ से निपटने के लिए राजस्व कर्मियों और ग्राम प्रधान को राहत शिविरों की सफाई कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि महुआ घाटी में जो राहत शिविर हैं, उनकी सफाई करा ली जाए। गंगा और पांडु नदी का जलस्तर बढ़ते ही तटवर्ती गांव के लोगों को वहां पहुंचाया जाए। इस मौके पर लेखपाल शुभम सिंह, अभिषेक शिवहरे, अभयपुर ग्राम प्रधान रामदास रहे।