हत्थे चढ़े कानपुर के लुटेरे, लूट में इस्तेमाल चोरी की बाइकें।
जिले में कानपुर का डी-94 गैंग दबोच लिया गया। यह गैंग इन दिनों कानपुर से फतेहपुर के बीच लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। इनके पीछे लंबे समय से एसटीएफ लगी थी हालांकि क्राइम ब्रांच ने गुरुवार दोपहर नउवाबाग हाईवे से सरगना व उसके तीन साथियों को दबोचने का दावा किया है। एसपी कलानिधि नैथानी ने गुरुवार दोपहर गैंग के बारे में जानकारी देते हुए लूट की तीन घटनाओं का खुलासा किया।
एसपी ने बताया कि गैंग ने एक माह से जिले में लूटपाट की घटनाएं बढ़ा दी थीं। लूट में मिलने वाले जेवरातों को कानपुर के एक सर्राफ की दुकान में बेचते थे। बदमाशों ने ठौर बनाने के लिए कानपुर और फतेहपुर की हाईवे सीमा के बीच चौडगरा में किराए का कमरा ले लिया था। इससे इन्हें दोनों जिले में अपराध करने में आसानी हो रही थी।
पहला खुलासा ः कृषि उपनिदेशक कार्यालय में पहली ज्वाइनिंग पर आए टीए प्रेमदान सिंह की पत्नी स्नेहलता के साथ लूट की वारदात हुई थी। घटना 20 फरवरी की है, हालांकि रिपोर्ट बुधवार को कोतवाली में दर्ज हुई। प्रेमदान सिंह कानपुर देहात के मंगलपुर थानान्तर्गत कटरा निवासी हैं। वह बाइक से पत्नी संग आए थे।
पत्नी रोड के किनारे बाइक के पास खड़ी थी, प्रेमदान लोधीगंज हाईवे के पास स्थित दफ्तर में ज्वाइनिंग करने गए थे। लौटे तो बदमाश उनकी पत्नी से मारपीट कर लूटपाट कर चुके थे। बदमाशों से लूट की नगदी बरामद हुई है। खुलासा-2ः 11 मार्च की दोपहर पटेल नगर निवासी सरिता देवी से चौराहे पर चेन लूट हुई थी।
पुलिस का दावा है कि बदमाशों से उनकी चेन बरामद कर ली गई है। खुलासा-3ःनौ मार्च को बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के दिलावलपुर गांव निवासी रामविशाल बाइक से जाफरगंज गए थे। लौटते समय बदमाशों ने बाइक रुकवाकर तीन सौ रुपये लूट लिए थे।