कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। दोपहर बाद निकली मामूली धूप भी लोगों को ठंड से राहत नहीं दिला पाई। शीतलहरी के कारण लोग पूरा दिन बेहाल रहे। सरकारी दफ्तर विलंब से खुले और समय से पहले सूने पड़ गए।
उधर, निजी स्कूल खुलने से बच्चों का कड़ाके की ठंड से हाल बेहाल रहा। कचहरी तहसील में वादकारियों का टोटा रहा। सुबह के समय यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही।
शीतलहर से आम जनजीवन प्रभावित है। कड़ाके की ठंड के कारण लोग विलंब से घर से बाहर निकलते हैं। भोर पहर वाकिंग करने वालों का टोटा रहता है।
ऐसी हालत में लोगों की दिनचर्या बदल गई है। कड़ाके की ठंड के बावजूद निजी स्कूल का संचालन हो रहा है। यह बात दीगर है कि स्कूल खलने का समय 9.30 बजे से शाम 3 बजे तक कर दिया गया है।
सुबह के समय ठंड के कारण बस स्टैंडों में यात्रियों का टोटा रहता है, जिससे सरकारी गैर सरकारी बसों का सुबह संचालन नहीं होता है। सुबह 8 बजे के बाद ही यदा कदा यात्री दिखाई पड़ते हैं।
रेलवे स्टेशन में तो यात्रियों का भीषण ठंड से जूझना पड़ रहा है। टीन शेड के नीचे बैठे यात्रियों की हालत देखते ही बनती है।
सरकारी दफ्तर खुलने में भी विलंब हुआ। ट्रेने विलंब होने के कारण गैर जनपदों से आने वाले कर्मचारी और अधिकारी समय से दफ्तर नहीं पहुंचे। इतना ही कड़ाके की सर्दी होने के कारण समय से पहले चलते बने।
रोडवेज बस स्टैंड ज्वालागंज से सुबह 8 बजे तक फतेहपुर डिपो की कोई भी बस नंबर लेकर नहीं निकली। बाहर से आने वाली बसें ही आने वाली यदा कदा सवारियां लेकर गंतव्य को रवाना होती रहीं।
अपरान्ह 2 बजे के बाद करीब आधे घंटे से लिए धूप तो निकली, लेकिन इससे लोगों को ठंड राहत नहीं मिल पाई। हलांकि धूप निकलते ही लोग घरों की छतों में आ गए, लेकिन देखते ही देखते धूप गायब हो गई, जिससे निराश होकर लोग भी घरों के अंदर चले गए।