कलक्टरगंज इलाके में सालभर तान्या नर्सिंगहोम में भर्ती रही प्रसूता की कानपुर ले जाते समय मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलते ही नर्सिंग होम संचालक वहां भर्ती मरीजों को छुट्टी देकर फरार हो गया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया। आरोप लगाया कि नर्सिंग होम में गलत आपरेशन करने की वजह से प्रसूता की मौत हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
ललौली थाना क्षेत्र के महना गांव निवासी शशि (25) पत्नी पिंटू दुबे को प्रसव पीड़ा होने पर एक सितंबर को आशा बहू रोहिणी तिवारी ने जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंची। अल्ट्रासाउंड के बाद उसे कलक्टरगंज स्थित तान्या नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। एक सितंबर की रात आपरेशन के बाद बच्चे का जन्म हुआ। नर्सिंग होम में तीन दिन भर्ती होने के बाद प्रसूता की तबीयत बिगड़ती चली गई। शनिवार को उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे लेकर कानपुर स्थित निजी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। प्रसूता की मौत की सूचना तान्या नर्सिंग होम पहुंची तो यहां भर्ती मरीजों को छुट्टी दे दी गई और अस्पताल में ताला बंद कर दिया गया। शशि का शव लेकर परिजन कलक्टरगंज पहुंचे और नर्सिंग होम में ताला लटका देख हंगामा करने लगे। यहां भर्ती सभी मरीज और स्टाफ गायब मिले। इतना ही नहीं नर्सिंगहोम का बोर्ड भी नदारद मिला। इससे परिजन बौखला उठे। हंगामे की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद शव को कब्जे में लिया। मृतका के जेठ पप्पू की तहरीर पर डा. विनोद, डा. दीपक और डा. अजय कुमार लोधी एवं आशा रोहिणी के खिलाफ हैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पप्पू ने आरोप लगाया कि उसके भाई की पत्नी का आपरेशन डाक्टर विनोद ने किया था, जो कि सरकारी लैब टेक्निशियन के पद पर बहुआ सीएचसी में तैनात है। कोतवाल आरके पांडेय ने बताया कि तीन डाक्टरों और आशा बहू के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीएमओ डा. विनय पांडेय ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। नर्सिंगहोम की जांच कराई जा रही है। एसीएमओ से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है।
लापरवाही ने ली शशि की जान
- विभागीय कर्मचारी ही चला रहा था नर्सिंगहोम
फतेहपुर। स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते शहर के गली कूचों में नर्सिंगहोम खुले पड़े हैं। इनका न ही कोई रजिस्टे्रशन है और न ही विशेषज्ञ चिकित्सक । पूरी तरह से मानकों को ताक पर रखकर नर्सिंगहोम्स का संचालन किया जा रहा है। इसका नतीजा शशि की मौत के रूप में सामने आया है।
ललौली थाना क्षेत्र के महना गांव की प्रसूता शशि की मौत से परिजनों को हाल बेहाल है। उसका पति पिंटू पत्नी की मौत के सदमे में नर्सिंगहोम के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ा था। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की पर्त दर पर्त उखाड़ कर रख दी है। नर्सिंगहोम का संचालक विनोद चक्रवर्ती को बताया जाता है। उसकी तैनाती बहुआ सरकारी सामुदायिक केंद्र में लैब टेक्निशयन के पद पर है। इसके बावजूद भी विभाग ने उसे खुली छूट नर्सिंगहोम चलाने की दे रखी थी। बताया जाता है कि नर्सिंगहोम में ऑपरेशन थियेटर और बाकी सारे इंतजाम भी मानकों के अनुरूप नहीं थे।
सरकारी डाक्टरों का नर्सिंगहोम में था आना जाना
जिला अस्पताल में तैनात कई चिकित्सकों का तान्या नर्सिंगहोम में आना जाना था। लैब टेक्निशयन खुद को सभी से डाक्टर बताता था। जिला अस्पताल के अधिकांश डाक्टरों से उसकी अच्छी पटती थी। इस तरह से सरकारी चिकित्सकों को जरूरत पडने पर मोटी रकम देने के वादे से बुला लेता था और मरीजों का इलाज कराता था।
पैथोलॉजी सेंटर का भी संचालक है विनोद
सीएचसी में तैनात लैब टेक्निशियन विनोद को मरीजों के इलाज में अंधी कमाई का चस्का लग गया था। कई साल पहले विनोद ने पथरकटा चौराहे में एक पैथोलॉजी शुरू की थी। उसी पैथालॉजी में कई बार गलत जांच के भी मामले आए। इसके बाद भी सरकारी डाक्टरों से सेटिंग के चलते जमकर पैथोलॉजी से विनोद कमाई करता था। उसने पैथालॉजी का संचालन भी अपनी सरकारी नौकरी के दरम्यान ही शुरु कर दिया था।