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नवजात की मौत पर हंगामा

Sat, 13 Aug 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
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बह‌ुआ पीएचसी में प्रसव के बाद मृतक बच्चे को लेकर जाती प्रसूता - फोटो : अमर उजाला
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पीएचसी बहुआ में प्रसव के दौरान आधा धड़ बाहर निकालने की कोशिश में बच्चा की जान चली गई। इस पर तीमारदारों ने स्टाफ नर्स पर लापरवाही बरतने और लेडी डॉक्टर पर बाहर से दवाएं मंगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा काटा। बवाल देख कर अस्पताल का स्टाफ चुपचाप निकल लिया। बच्चे की मौत की जानकारी पर पहुंची पुलिस से तीमारदारों ने डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद तीमारदार बच्चे का शव लेकर घर चले गए। बाद में शव का गांव के बाहर अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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ललौली थाना क्षेत्र के घनसेनपुर गांव के राम सरन की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर गुरुवार शाम पौने छह बजे पीएचसी में भर्ती कराया गया था। इस केस को लेडी डॉक्टर आभा श्रीवास्तव अटैंड कर रही थी। शुक्रवार को सुबह सात बजे काजल को तेज दर्द होने पर स्टाफ नर्स प्रसव कराने लगी। बताते हैं कि बच्चे का आधा धड़ फंसा था। जिसे निकालने के लिए नर्स ने हाथ से जोर लगाया तो हाथ का अंगूठा नवजात के सीने के ऊपर जा घुसा। इसी के बाद बच्चे की मौत हो गई।

यह खबर सुनकर प्रसूता दहाड़ मार कर रो पड़ी। उधर, मृत बच्चा पैदा होने की जानकारी घनसेनपुर पहुंचने पर वहां से भी तमाम लोग अस्पताल आ गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हो हल्ला शुरू कर दिया। हंगामा देख कर स्टाफ समेत आरोपी नर्स अस्पताल में ताला लगा चुपचाप निकल गई। ग्रामीण बहुआ पुलिस से बच्चेे को लापरवाही से मार डालने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। इस पर पुलिस ने समझा बुझाकर शांत कराया। चौकी इंचार्ज राकेश सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। उसमें दो लोगों के नाम हैं। मामले की जांच की जा रही है। आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी हो चुकी हैं कई मौत   - फतेहपुर। बहुआ पीएचसी में शुक्रवार हुई लापरवाही से बच्चा की मौत होने के मामले से पहले भी लापरवाही के खिलाफ आवाजें उठ चुकी हैं। अभी दो महीने पहले एक प्रसूता की मौत हो चुकी है। इसके अलावा एक शिशु की  मौत का मामला तो हाईकोर्ट तक में चल रहा है। इन सभी मामलों को हो हल्ला मचने तक तवज्जो देकर छोड़ दिया गया है। जिस दाई का मामला कोर्ट में चल रहा है, उसे अस्पताल में बराबर सक्रिय देखा जा रहा है।  


दो माह पहले दतौली की एक प्रसव पीड़िता की लापरवाही से इलाज करने पर जान चले जाने का आरोप लगा था। तीमारदारों ने हंगामा कर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को मौके पर बुला लिया था। विभागीय स्तर से इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे करीब ढाई साल पहले इसी अस्पताल में एक नवजात शिशु की जान चली गई थी।


परिजनों ने अस्पताल की दाई सरोज पर नवजात की जान लेने का आरोप लगाया था। इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग के बचाव पर उतर आने पर तीमारदारों ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। आरोपी महिला ने इस समय कोर्ट से स्टे ले रखा है। सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय ने मामले की जांच करा कर कार्रवाई की बात कही है।
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