फतेहपुर। सराफा कारोबारियों को नकली सोना गिरवी रखकर लाखों का चूना लगाने वाले प्रधान समेत दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। करीब 50 लाख की हेराफेरी का मामला सामने आया है। पुलिस मास्टरमाइंड समेत अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। पकड़े गए आरोपियों से नकली जेवर बरामद हुए हैं।
कोतवाली के एसएसआई कैलाश नाथ, चौकी इंचार्ज मुराइनटोला रजनीश तिवारी ने चौक बाजार से नकली सोना गिरवी रखने आए दो आरोपियों को पकड़ा है। एसएसआई ने बताया कि आवास विकास कालोनी निवासी लक्ष्मीकांत द्विवेदी उर्फ अशोक और प्रधान करसवां विजयकरन राजपूत चौक के सराफ पप्पन रस्तोगी के पास नकली सोना गिरवी रखने गए थे।
कुछ दिन पहले उनके एक पड़ोसी सराफ ठगी का शिकार बने थे। इससे सतर्क पप्पन ने पुलिस को बुला लिया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि करसवां गांव का महेश कुशवाहा सोना लेकर आता था। कई सराफ आरोपियों के परिचित हैं। इनके माध्यम से वह कारोबारियों की दुकानों में नकली सोना गिरवी रखवाता था।
नकली मार्का को असली मानकर सराफ जेवरात आधे तिहाई दाम में गिरवी रख लेते थे। कुछ दुकानदारों ने चेक भी दिए थे। चेक लक्ष्मीकांत अपने बेटों सूर्यकांत और शशिकांत के नाम कटवाता था। कोतवाली में मामले के खुलासे के बाद कई सराफ पहुंचे। एसएसआई ने बताया कि चौक बाजार के लाला रस्तोगी, आनंद रस्तोगी, योगेश, मनीष समेत सात दुकानदारों को ठगा गया है।
ठगी के शिकार कई सराफ लॉकडाउन के कारण सामने नहीं आए हैं। करीब 50 लाख का दुकानदारों को चूना लगाया गया है। आरोपियों के खिलाफ पप्पन रस्तोगी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी लक्ष्मीकांत और प्रधान को जेल भेजा गया है। बाकी की तलाश की जा रही है।