जिले में एक अरब 30 लाख से आवासों का निर्माण होगा तो साढ़े नौ करोड़ से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं मुकम्मल होगी। इस आशय का प्रस्ताव शनिवार को जिला योजना की बैठक में पास हो गया है। करीब साढ़े तीन अरब की जिला योजना में सड़क निर्माण के लिए करीब 2.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
शनिवार को विकास भवन सभागार में जिला प्रभारी मंत्री अवधेश प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में मंत्री के सामने जिला योजना का बजट पेश किया गया जिस पर सदस्यों ने अपनी सहमति की मोहर लगाई और बजट पास किया।
बैठक में वर्ष 2015-16 में शासन से जिला योजना के लिए राज्यांश और केंद्रांश के लिए तीन अरब 44 करोड़ 35 लाख का बजट मांगा गया है हालांकि इसमें केंद्रांश का 17746.44 लाख बजट भी शामिल है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि धन की कमी नहीं है खर्च सही किया जाए कार्य में गुणवत्ता बनाए रखा जाए।
सत्यापन के समय किसी भी प्रकार की कमी न पाई जाए नहीं तो संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदाई होंगे। जिन विभागों में कार्य योजना नहीं बनी या कार्य का संचालन पूरा नहीं हुआ है उसे शीघ्र ही पूरा करा लिया जाए। उन्होंने उद्यान, रेशम, कृषि, सिंचाई, पेयजल आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा पर नाराजगी जताई। बैठक में पांच पांच हैंडपंप रीबोर कराने के निर्देश दिए। कहा कि रीबोर कराए गए हैंडपंपों की जांच सीडीओ की अध्यक्षता में गठित टीम द्वारा कराया जाए। सदस्य हाजी रजा ने गर्मी के मौसम को देखते हुए नगर पालिका व नगर पंचायतों में हैंडपंप रीबोर कराने का प्रस्ताव रखा जिस पर मंत्री ने हैंडपंप रीबोर कराने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष नमेश यादव, विधायक मदन गोपाल वर्मा, विधायक कृष्णा पासवान, एमएलसी नरेश उत्तम, सीडीओ भवानी सिंह, सदस्य संजय सचान, बुद्धराज धाकड़ी, नरसिंह पटेल, बब्ली साहू, कामता पटेल, सतीशराज सिंह, आफिज अनवारुल हक, मनोज, रामबाबू निषाद, लाल सिंह चंदेल, सीमू सिंह, शकील अहमद, अनूप यादव, अरुण यादव, गजोधर दिवाकर, आदि रहे।
इनसेट
प्रमुख विभागों के लिए बजट (अनुमानित)
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विभाग बजट
कृषि विभाग 20 लाख
उद्यान विभाग 10 लाख
पशु पालन विभाग 1.28 करोड़
दुग्ध विकास 2. 05 करोड़
ग्राम्य विकास अभिकरण 1. 63 करोड़
भूमि विकास एवं जल संसाधन 5.09 करोड़
मनरेगा लगभग एक अरब
पंचायती राज 7.80 करोड़
लघु सिंचाई 1.86 करोड़
निजी लघु सिंचाई 8.34 करोड़
अतिरिक्त ऊर्जा श्रोत लगभग 1 करोड़
सड़क एवं पुल 2.32 करोड़
पर्यटन 50 लाख
माध्यमिक शिक्षा 1.27 करोड़
प्राविधिक शिक्षा 9 लाख
एलौपैथिक चिकित्सा 8.37 करोड़
ग्रामीण पेयजल 6.40 करोड़
नगरीय पेयजल 41 लाख
स्वच्छता कार्यक्रम 46.80 करोड़
इंदिरा एवं लोहिया आवास 1.30 अरब
पिछड़ी जाति कल्याण 1.25 लाख
समाज कल्याण 6.20 करोड़
विकलांग कल्याण 1.70 करोड़
महिला एवं बाल कल्याण 5.43 करोड़
इनसेट --
इन विभागों क े लिए नहीं मांगा गया बजट
लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता, सहकारिता, प्राथमिक शिक्षा, खेलकूद, परिवार कल्याण, आयुर्वेदिक एवं यूनानी, होम्योपैथिक चिकित्सा, पुष्टाहार।