खजुहा व मलवां विकास खंड के तीन गांव में डेंगू के और
मरीज निकले हैं। इसकी पुष्टि इलाज के दौरान कानपुर के डाक्टरों ने की।
उधर, दर्जनों गांव में विचित्र बुखार व उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या
में निरंतर बढ़ोत्तरी से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग
के अधिकारियों व डाक्टरों के भी हाथ-पैर फूलने लगे हैं।
खजुहा विकास खंड
के गांव सहबाजपुर के राजू गुप्ता पुत्र श्याम बाबू , इसी गांव की माया
देवी पत्नी राकेश, समसपुर के राजकिशोर पांडेय पुत्र भागवत प्रसाद, मलवां
विकास खंड के गांव तेंदुली निवासी रामआसरे शुक्ला की पत्नी किरन के डेंगू
होने की पुष्टि हुई है।
मरीजों के परिजनों ने बताया कि राकेश गुप्ता निवासी
सहबाजपुर के पुत्र पुत्र रमन, अवनीश, पुत्री शिवानी के अलावा धमेंद्र
इरफान खां, सुनीता साहू, उनके पुत्र अभिषेक, समसपुर गांव के राजकिशोर
पांडेय, सोमनाथ प्रजापति, आशीष, मलवां विकास खंड के गांव तेंदुली की किरन
पत्नी राम आसरे शुक्ला, बाबू आदि बुखार से पीड़ित हैं।
इनकी हालत चिंताजनक
होने पर परिजनों ने कानपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया है। यहां तीन गांव
के चार मरीजों को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हुई है। इससे इन गांवों में
भी दहशत फैल गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव सहबाजपुर में बबली पत्नी
राजू गुप्ता, उनकी पुत्री मांसी, यशी, मूलचंद्र की पत्नी आभादेवी, कमलेश
पत्नी छोटेलाल, उनकी पुत्री सोनी, कोमल, अफसाना पत्नी इश्तियाक खां, पुत्री
रुखसाना, सबीना, गजाला व उनकी बहन सरीफुन निशा, गांव समसपुर के बाबू
प्रसाद दुबे, सुरेश पांडेय, शिव किशोर पांडेय, पंकज शुक्ला, शोभा पत्नी
कुलदीप, श्याम दुलारी पत्नी बदलू यादव, जगदीश, पंकज शुक्ला, श्रवण कुमार,
आंसू दुबे, वैभव पुत्र पुत्तन दुबे, फूला देवी पत्नी देवी प्रसाद , कैलाश
शुक्ला आदि दर्जनों लोग गांव में ही झोलाछाप डाक्टरों से इलाज करा रहे हैं।