घर के बाहर से लापता बालक के चार घंटे बाद अपने चाचा के घर में मिलने को लेकर जमकर बवाल हुआ। इस दौरान गांव में दहशत का माहौल रहा। परिजनों का आरोप है कि चाचा ने बालक का अपहरण कर लिया था और उसे दिल्ली में बेचने की फिराक में था। हालांकि इस बवाल के बाद पुलिस ने आपसी समझौता करा मामला रफा दफा करा दिया।
शहर के अमरजई मोहल्ला निवासी मोहन का 11 वर्षीय पुत्र रोहन शुक्रवार दोपहर साइकिल चलाते वक्त घर के बाहर से अचानक लापता हो गया था। उसकी खोजबीन करते हुए मोहन अपने भाई सुरेश विश्वकर्मा के घर सादीपुर इलाके पहुंच गया। वह करीब दो घंटे तक घर का दरवाजा खटखटाता रहा, लेकिन किसी ने भी दरवाजा नहीं खोला। यह देखकर इलाकाई लोगों की भीड़ पहुंच गई। मोहन ने पुलिस से शिकायत की। चौकी इंचार्ज हरिहरगंज इजहार अहमद मौके पर पहुंचे। पुलिस के खुलवाने पर भी दरवाजा नहीं खुल सका। पुलिस की मौजूदगी में इलाकाई लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस ने सुरेश को हिरासत में ले लिया और बालक से पूछताछ की। बालक ने पुलिस को बताया कि वह घर के बाहर साइकिल चला रहा था। चाचा बहला-फुसला कर घर ले आया था। उसको एक कमरे में बंद कर दिया था। उसे चाचा दिल्ली में बेचने की बात कह रहा था। यह सुनकर लोगों के होश उड़ गए। पुलिस ने सुरेश को हिरासत में ले लिया और कोतवाली लेकर पहुंच गई। कोतवाल रामसूरत सोनकर ने बताया कि लड़का कुछ दिनों पहले भी घर से भाग चुका है। घर का दरवाजा महिला ने भीड़ के हमला किए जाने के डर से नहीं खोला था। सभी लोग परिवार के होने के नाते समझौते कर लिए हैं।