फतेहपुर। 13 साल पुराने प्राणघातक हमले के मामले में एडीजे-प्रथम/एनडीपीएस कोर्ट ने बुधवार को चार भाइयों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 6,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। हालांकि, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप साबित नहीं हो सका।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के खरगूपुर बरगला गांव के तड़वापर निवासी विजय शंकर ने पुलिस को बताया था कि तीन अक्तूबर 2012 को वह ट्रैक्टर लेकर खेत की ओर गए थे। लौटते समय नयन सिंह के खेत के पास रास्ते में नलकूप का पानी लगाने वाला पाइप बिछा था। विजय शंकर ने नयन सिंह से नलकूप बंद करने को कहा।
आरोप है कि नयन सिंह ने ट्रैक्टर निकालने के बाद अपने भाइयों नवरंग सिंह, भूप सिंह और सिपाही उर्फ महेंद्र सिंह के साथ मिलकर विजय शंकर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोपियों ने तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने घटना के दिन ही प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
विवेचक ने 20 अगस्त 2013 को चारों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने चारों को प्राणघातक हमले का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।