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Fatehpur News: भतीजी से दुष्कर्म में पूर्व प्रधान को 10 वर्ष की कैद

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फतेहपुर। रिश्ते में भतीजी से दुष्कर्म करने वाले पूर्व प्रधान व पूर्व फौजी को कोर्ट ने दोषी करार दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश अशोक कुमार की अदालत ने दोषी को 10 साल की कैद और 14 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
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चांदपुर थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती के पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी थी। उसकी मां गांव के प्राथमिक विद्यालय में रसोइया थी। अक्तूबर 2018 में युवती दोपहर को घर में अकेली थी तभी रिश्ते में चाचा पूर्व प्रधान रामकिशुन निषाद घर पहुंचा। वह फौज से सेवानिवृत्त भी था। रामकिशुन ने रिवाल्वर से जान मारने की धमकी देकर युवती से दुष्कर्म किया था।
वारदात के बाद भी कई बार रामकिशुन ने युवती के साथ अश्लील हरकतें की थी। पीड़िता ने 14 जून 2019 की शाम दुष्कर्म, छेड़खानी, धमकी, घर में घुसने व गाली गलौज की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में कुल नौ गवाह पेश हुए। कोर्ट ने मंगलवार को अंतिम सुनवाई की और पांच धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई है। दुष्कर्म में अधिकतम 10 साल की कैद और कुल 14 हजार का अर्थदंड दंडित किया।
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पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री के थाने पहुंचने पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
दोषी रामकिशुन का मामला काफी हाईप्रोफाइल था। पीड़िता की कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। 10 माह बाद पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद साध्वी निरंजन ज्योती के थाने पहुंचने पर पुलिस ने 14 जून की शाम रिपोर्ट लिखी थी। वहीं तत्कालीन एएसपी भी थाने पहुंचे थे और थानाध्यक्ष को निलंबित किया था। हरकत में आई पुलिस ने रामकिशुन को भी गिरफ्तार कर लिया था।
सुनवाई न होने पर पीड़िता पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी से मिली थी। उन्होंने तत्कालीन थानाध्यक्ष कैलाशनाथ को कार्रवाई के आदेश दिए थे लेकिन थानाध्यक्ष उन्हें भी टरकाते रहे। 14 जून की शाम साध्वी समर्थकों संग थाने पहुंची थीं। इस दाैरान और भी पीड़ितों ने पुलिस उत्पीड़न की शिकायत की थी। वहीं गिरफ्तार किए गए रामकिशुन ने खुद पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद बताकर सीबीसीआई जांच की मांग की थी। सीबीसीआईडी ने वर्ष 2022 में चार्जशीट रामकिशुन के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की थी। जमानत के लिए रामकिशुन दो बार हाईकोर्ट और एक बार सुप्रीम कोर्ट तक गया था लेकिन उसे जमानत नहीं मिल सकी थी।

थानाध्यक्ष पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
साध्वी को चांदपुर थाने में एक किशोरी मिली थी। पूछताछ में सामने आया था कि किशोरी को पुलिस ने दो दिन से बिना वजह बैठा रखा है जिसके बाद साध्वी ने एएसपी को थाने बुलाया था। जांच में किशोरी भी एक मामले की पीड़ित थी। बिना वजह किशोरी को थाने बैठाने की वजह से तत्कालीन थानाध्यक्ष कैलाशनाथ पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
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