फतेहपुर। सरकारी राशन की दुकान से खाद्यान्न की कालाबाजारी के मामले में मंगलवार को कोटा निलंबित कर दिया गया। राशन दुकान विक्रेता और उसके पुत्र के खिलाफ सोमवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच टीम ने करीब 67 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए थे जिसमें घटतौली की कई शिकायतें सामने आई थीं।
शहर के मदारीपुर कला गांव की राशन दुकान विक्रेता शिवचरण के पुत्र अंशू का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में अंशू बताता है कि वह कार्डधारकों से अंगूठा लगवाकर राशन खरीद लेता है। राशन को बाजार में बेचता है। वीडियो सामने आने के बाद अमर उजाला ने 27 मई को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने जिला पूर्ति अधिकारी को जांच के आदेश दिए था। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी उमेश शुक्ल के नेतृत्व में पूर्ति निरीक्षक मयंक श्रीवास्तव, पूर्ति निरीक्षक बृजेश मिश्रा ने 30 मई को दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान 32 कार्डधारकों राशन वितरित किया गया था। स्टॉक में 110 बोरी चावल जो माह जुलाई 2026 के वितरण के सापेक्ष विक्रेता को प्राप्त हुआ है उसे ऑनलाइन रिपोर्ट में प्रदर्शित नहीं होना पाया गया।
साथ ही दुकान का स्टॉक रजिस्टर न मिलने से स्टॉक का मिलान नहीं हो सका। इस दाैरान ग्राम सभा के 67 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए जिसमें से 55 बयानों में अनियमितता पाई गई। दुकानदार शिवचरण ने बयान में कबूला कि वह कार्डधारकों से राशन खरीदता था। यदि कोई कार्डधारक अपना राशन बेचना चाहता तो उसका अंगूठा लगवाकर खरीद लेता था। मई माह में उसने गेहूं 22 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा। चावल 16 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा था। दो-तीन वितरण का राशन इकट्ठा होने पर वह इसे गांव और बाजार में बेच देता था। इस माह के पूर्व वितरण में 40-50 कार्डधारकों ने राशन उन्हें बेचा था।
शिवचरण के पुत्र अंशू ने भी दुकान का राशन बेचने की बात कबूली। जांच में सामने आया कि वर्तमान का वितरण घटाने के बाद 26.44 क्विंटल गेहूं, 98.15 क्विंटल चावल, ज्वार, बाजरा की मात्रा शून्य होनी चाहिए। भौतिक सत्यापन में विक्रेता के स्टॉक में 186 बोरी 40 किलो लूज चावल, 51 बोरी 10 किलो लूज गेहूं, 55 किलो बाजरा और 104.600 किलो ज्वार मिला। निर्धारित स्टॉक से एक बोरी 34 किलो गेहूं कम पाया गया जबकि नाै बोरी 25 किलो चावल कम मिला। साथ ही 0.55 क्विंटल बाजरा और 104.600 किलो ज्वार अतिरिक्त पाया गया। कोतवाल हेमंत मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की गई है। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर ने बताया कि मंगलवार को राशन दुकान में अवैध भंडारण व कालाबाजारी के साक्ष्य पाए जाने पर दुकान निलंबित की गई है।
पूर्व में जारी नोटिस का नहीं दिया जवाब
जिला पूर्ति कार्यालय की ओर से 18 मई को विक्रेता की दुकान का निरीक्षण पूर्ति निरीक्षक मो. आसिफ व मयंक श्रीवास्तव की टीम से कराया गया था। विक्रेता को 20 मई को आरोप पत्र जारी कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए थे। विक्रेता के पुत्र/सहयोगी अंशू ने 21 मई को नोटिस प्राप्त किया लेकिन जवाब नहीं दिया।