फोटो-44-बाढ का पानी हटने के बाद फैला कीचड़। संवाद
- फोटो : बच्चों को सकुशल पाकर गले से लगाती मां। स्त्रोत: पुलिस
औंग। गंगा और पांडु का जलस्तर तेजी से घट रहा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद खाली हुई सड़कों और खेतों में कीचड़ जमा है। डूबी फसलें सड़ने से दुर्गंध उठ रही है। ऐसे में प्रभावित लोगों को आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दुर्गंध के कारण संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका भी बढ़ गई है।
गंगा और पांडु की बाढ़ का पानी अभयपुर और गलाथा ग्राम पंचायत के सभी मजरों तक पहुंच गया था। अब पानी तेजी से निकल रहा है। पानी उतरने के बाद गांवों में जगह-जगह कीचड़ फैला है। गांवों के बाहर खेतों में खड़ी फसल पानी में सड़ने से दुर्गंध फैल रही है। इससे बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है।
बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए डीएम निधि गुप्ता वत्स के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर दवाइयां बांट रही हैं। पशु चिकित्सा विभाग की टीमों ने भी पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है।
अभयपुर प्रधान रामदास ने बिंदकी फार्म में चूना डलवाने के साथ दवा का छिड़काव कराया। इससे संक्रामक रोगों की रोकथाम में मदद मिल सके। गंगा नदी का जलस्तर सुबह 100.68 मीटर था जो शाम तक घटकर 100.60 मीटर रह गया।
फोटो-44-बाढ का पानी हटने के बाद फैला कीचड़। संवाद- फोटो : बच्चों को सकुशल पाकर गले से लगाती मां। स्त्रोत: पुलिस