फोटो-15-पशु अस्पताल की छत से दिखती सरिया। संवाद
चौडगरा। रेवाड़ी बुजुर्ग पशु चिकित्सालय जर्जर भवन में जलभराव के बीच कर्मचारी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं। छत से प्लास्टर गिरने और दीवारों में दरारों के कारण हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है। वहीं छत से सरिया भी दिखाई देने लगी है।
पशु चिकित्सालय के कर्मचारी राममिलन सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2003 से यहां तैनात हैं। वर्ष 1962 में बने अस्पताल का भवन अब जर्जर हो चुका है। छत से लगातार प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। हल्की बारिश में पूरी छत टपकने लगती है।
हाल ही में रात में छत का बड़ा हिस्सा टूटकर कुर्सी पर गिर गया। इससे कुर्सी क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन, चहारदीवारी के अभाव और ध्वस्त पानी की टंकी की समस्या को लेकर करीब एक महीने पहले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी।
अधिकारियों ने बीडीओ के माध्यम से जेई से निरीक्षण रिपोर्ट मंगवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक कोई टीम निरीक्षण के लिए नहीं पहुंची। अस्पताल परिसर में जलभराव से दवाइयों और उपचार सामग्री के खराब होने का खतरा है। डॉ. राम मिलन सिंह भदौरिया ने बताया कि जलभराव और जर्जर भवन की समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
फोटो-15-पशु अस्पताल की छत से दिखती सरिया। संवाद
फोटो-15-पशु अस्पताल की छत से दिखती सरिया। संवाद