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पूरे प्लानिंग से रुपये लेकर भागा मैनेजर

Mon, 22 Aug 2016 01:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
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औंग पुलिस के हत्थे चढ़े मैनेजर के भाई व सेल्समैन । - फोटो : अमर उजाला
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हाईवे के गुधरौली स्थित कृष्णा पेट्रोल पंप का लापता मैनेजर पूरी प्लानिंग के तहत रुपये लेकर भाग निकला है। रविवार को पुलिस ने मैनेजर के दो भाई और एक सेल्समैन को गिरफ्तार कर अपहरण के कयासों पर विराम लगा दिया। अब पुलिस ने मैनेजर के अपहरण की दर्ज रिपोर्ट को खारिज कर दिया। मैनेजर पर षडयंत्र रचकर 13.5 लाख रुपये हड़पने का आरोप तय किया गया है। हालांकि मैनेजर अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं लग सका है। पुलिस ने तीनों को जेल में दाखिल करा दिया।
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बता दें कि बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के खजुहा निवासी सूर्यकांत वाजपेयी का बेटा विनय वाजपेयी पेट्रोल पंप पर मैनेजर था। गत 16 अगस्त को वह पेट्रोल पंप का कैश जमा करने एसबीआई चौडगरा गया था। इसके बाद लापता हो गया था। पिता सूर्यकांत ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं पेट्रोल पंप मालिक राजेश शुक्ल के भाई श्रीराम ने मैनेजर पर रुपये हड़पने की एफआईआर कराई थी।


एसओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी अर्जुन सिंह, सर्विलांस प्रभारी राजेश सिंह के साथ दबिश देकर आरोपी मैनेजर के भाई अंशू वाजपेयी, विनीत वाजपेयी व सेल्समैन पियूष तिवारी निवासी लाहौरी बिंदकी को गिरफ्तार किया गया।
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बकौल एसओ पेट्रोल पंप सेल्समैन हर दिन कैश जमा करने के लिए बाइक में बीस रुपये का पेट्रोल डालता था। उस दिन सेल्समैन पियूष की बाइक लेकर मैनेजर निकला था। पियूष ने बाइक में 40 रुपये का पेट्रोल डाला था। कै श अधिक होने के कारण उसे साथ भी जाने को कहा गया था, लेकिन वह साथ नहीं गया। इन तथ्यों से सेल्समैन की मैनेजर से संलिप्तता पुलिस को मालूम हुई।


वहीं यह भी सर्विलांस से उजागर हुआ कि मैनेजर ने चौडगरा से पहली बार कॉल अपने भाई विनीत वाजपेयी के नंबर पर की थी। दूसरी कॉल गाजियाबाद में बीटेक कर रहे छोटे भाई अंशू को की थी। वह गाजियाबाद में अंशू से जाकर मिला भी था, उसे दो हजार रुपये कमरे के किराये के लिए दिए और उसके साथ कुछ समय बिताने के बाद में रेवाड़ी जिला हरियाणा पहुंच गया।


अंशू को उसकी भाभी (विनय की पत्नी) का फोन भी पहुंचा, उसने अंशू को पति के गायब होने के बारे में बताया। अंशू ने भाभी से भी भाई के साथ होने का जिक्र नहीं किया। सर्विलांस टीम ने हजारों कॉल फिल्टर करने के बाद षडयंत्र रचने वाले सारे नंबरों का रिकार्ड तैयार किया। सीडीआर लोकेशन मैच होने को पर्याप्त सबूत माना गया है। इसी आधार पर तीनों सह आरोपियों को जेल भेजा गया है। पुलिस मान रही है कि पूरा प्लान तैयार कर पेट्रोल पंप से रुपये हड़पे गये हैं।



औरेया में सेल्समैन की बाइक मिली- लाखों रुपयों के साथ सेल्समैन पियूष की बाइक लेकर भागे मैनेजर ने पैशन बाइक औरेया में छोड़ दी थी। औरेया में बाइक लावारिस हालत में मिली है। उस बाइक से मिले कागजातों के आधार पर शनिवार को सेल्समैन के पास एक कॉल आई थी, उसने बाइक औरेया में होने की जानकारी दी। सेल्समैन ने बाइक के बारे में पुलिस को बताया। एसओ धर्मेंद्र ने बताया कि लावारिस बाइक बरामद हुई है, उसकी जांच की जा रही है।

 
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मास्ट माइंड का कोई मददगार भी- लाखों रुपये लेकर भागे मास्टर माइंड विनय बाजपेयी के पीछे भी कोई एक शख्स है। पुलिस का मानना है कि वही शख्स उसे पुलिस की लोकेशन और भागने की जानकारी दे रहा है। आरोपी विनय के पीछे पुलिस गाजियाबाद तक पहुंची तो वह हरियाणा निकल गया। पुलिस ने आरोपी के भाई अंशू को उठा लिया। अंशू के उठाते ही हरियाणा से आरोपी कानपुर आ गया। आरोपी का अंतिम लोकेशन कानपुर के मंधना इलाके में मिली है, उसके बाद पुलिस को कोई लोकेशन नहीं मिला।
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