अमौली। सहकारी बैंक शाखा चांदपुर में 95 लाख के घोटाले में छह साल से फरार तत्कालीन खजांची समेत पांच कर्मियों को सीआईडी यूपी की गठित एसआईबी (सहकारिता सेल का विशेष जांच दल) टीम ने गुरुवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। आरोपियों को जेल भेजा गया है।
सहकारी बैंक शाखा चांदपुर में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज के सहारे 2015 से 2019 तक लगभग 95 लाख की रकम गबन किया गया था। मामले में उप महाप्रबंधक की तहरीर पर 24 सितंबर 2019 में तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिवंगत विजय कुमार सिंह, खजांची राजेश कुमार, रक्षक सहयोगी चंद्रशेखर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
जांच लखनऊ एसआईबी कर रही थी। टीमों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक प्रयागराज राजरुपपुर निवासी राजेश कुमार (निलंबित), तत्कालीन रक्षक सहयोगी राधानगर थाने के जयरामनगर निवासी चंद्रशेखर शुक्ला (वर्तमान तैनाती मुख्यालय कोआपरेटिव बैंक), बिंदकी के जोनिहा निवासी तत्कालीन शाखा प्रबंधक बद्री सिंह (सेवानिवृत्त)को पकड़ा गया।
साथ ही शहर के तांबेश्वर नगर व मूल मलवां के जैनपुर निवासी तत्कालीन खजांची व प्रभारी शाखा प्रबंधक जगदीश सिंह (बिंदकी घियाही बाजार शाखा में वर्तमान तैनाती कैशियर), बिंदकी पैगंबरपुर व एटा जिला जरा सिमी निवासी तत्कालीन रक्षक सहयोगी कुलवंत सिंह (वर्तमान तैनाती मुख्यालय कोआपरेटिव बैंक) को गिरफ्तार किया है। धरपकड़ में एसआईबी निरीक्षक शिव कुमार शर्मा, निरीक्षक आशीष कुमार संजय, चांदपुर प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह की टीम शामिल रही।