गर्मी में राहत पाने के लिए कुएं के पास बैठे मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
आसमान से बरस रही आग से लोगों का जीना दुश्वार हो रहा है, उस पर बिजली का प्रतिदिन बढ़ता संकट लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। 24 घंटे में मुश्किल से सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। ऐसे में लोगों में नाराजगी है।
गुरुवार को मौसम बेहद गर्म रहा। सुबह से ही आसमान से आग बरसनी शुरू हो गई। लोग मुंह बांधकर मार्ग में आते जाते नजर आए। दोपहर होते ही बिजली गुल हो गई, जो साढ़े चार बजे आपूर्ति शुरू हुई। दोपहर में रोस्टिंग के दौरान पांच घंटे कटौती से लोग उबल गए। बच्चों का गर्मी में रो रोकर बुरा हाल रहा तो मरीजों की तकलीफ भी बढ़ी रही। पसीने से तरबतर हर कोई बिजली विभाग को कोस रहा है।
चिलचिलाती धूप और उमस से लोग परेशान रहे, उस पर दोपहर में कटौती से हालत और खराब रही। आपूर्ति ठप होने से पेयजल संकट छाया रहा। लोगों को दूरदराज इलाकों से पानी लाना पड़ा। घरों में लगे इनवर्टर ने भी हाथ खड़े कर दिए। लोगों को हाथ वाले पंखे का सहारा रहा।
उपभोक्ता राजकुमार, समीर सिंह ने बताया कि गर्मी में बिजली की अत्यधिक कटौती होने से जीना मुश्किल हो रहा है। वहीं उप खंड अधिकारी सदर अजीत यादव ने बताया कि रोस्टिंग पनकी पावर हाउस से होती है। इसके अलावा फाल्ट तत्काल ठीक कराए जा रहे हैं।
उमस में पनपते जीवाणु- फतेहपुर। सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. केके पांडेय कहते हैं कि उमस में जीवाणुओं को पनपने का मौका मिलता है। ऐसे मौसम में वैक्टीरिया के ज्यादा डेवलप होने से वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। पसीना ज्यादा निकलने से डिहाइड्रेशन व स्किन प्रॉब्लम खड़ी होती है, जिससे उल्टी, दस्त और त्वचा संबंधी रोगाें का खतरा बढ़ जाता है।