किशनपुर। बुधवार दोपहर करीब पौने 11 बजे एक युवक ने नलकूप की कोठरी में खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली हैं। घटना की जानकारी युवक के परिजनों ने नलकूप पर पहुंचने के बाद हुई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर एक तमंचा, खोखा व मोबाइल बरामद किया है। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद सीओ खागा ने बताया कि युवक ने किसी बात को लेकर खुदकुशी की है। इसकी जानकारी नहीं हो सकी है।
रग्घूपुर मजरे गढ़ा गांव निवासी उमेश चंद्र तिवारी का गांव से एक किलोमीटर दूर फजलपुर के पास निजी नलकूप है। यहां पर उमेश ने मवेशी पाल रखे हैं और वह नलकूप पर ही रहता है। उसके लड़के व बहू गांव में रहते हैं। बुधवार सुबह उमेश चंद्र तिवारी व उनकी पत्नी नलकूप पर थी, इस दौरान छोटा बेटा सतीश तिवारी (19) वहां पहुंचा।
उसने माता-पिता से कहा कि वह घर जाकर खाना खा लें। इस पर उमेश व उनकी पत्नी गांव आ गए और आंधी आने के कारण घर पर ही रुक गए। करीब पौने बारह बजे उमेश खाना खाकर नलकूप पहुंचे तो सतीश नलकूप के अंदर कोठरी में लेटा था। वह नजदीक पहुंचे तो देखा कि बिस्तर पर खून पड़ा था और सतीश के दाई कनपटी पर बायीं ओर गोली लगी हुई थी।
वहीं एक तमंचा, मोबाइल पड़ा हुआ था। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी पर फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जमा किए। सीओ खागा संजय सिंह भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी की।
सीओ खागा संजय सिंह ने बताया कि निरीक्षण के बाद सभी साक्ष्यों के अनुसार यह मामला खुदकुशी का है। तमंचा-खोखा, मोबाइल सभी चीजें मौके पर मिली है। कोई मारपीट, लूट, संघर्ष के भी सबूत नहीं मिले हैं। परिजनों ने फिलहाल दुश्मनी की बात से इनकार किया है।
परिजनों ने जताई आशंका
उमेश चंद्र ने बेटे सतीश की हत्या की आशंका जताई है, हालांकि यह बात पूरे विश्वास से वह भी नहीं कह रहा है। बताया गया कि घटनास्थल पर पहुंचे सतीश के बड़े भाई दुर्गेश ने फोरेंसिक टीम के आने से पहले तमंचा व मोबाइल को हाथ लगा दिया था।
सालभर पहले जेल से आया है उमेश
उमेश चंद्र तिवारी ने बताया कि 2007 में उसे एक हत्या के मामले में गलत तरीके से फंसाया गया था। इस कारण व जेल में था और करीब साल भर पहले ही घर आया था। परिवार का किसी व्यक्ति को कोई झगड़ा भी नहीं है।
मोबाइल के स्टेटस पर थी गमगीन शायरी
पुलिस ने मौके से मिले सतीश के फोन की जांच की। उसके वाट्स ऐप स्टेटस पर कई गमगीन शायरी पोस्ट थी। इसमें सबसे पहले तुमसे अच्छा कौन है फिल्म का नाम, हर लम्हा तेरे साथ गुजारू जैसी लाइनें लिखी हुई थी। पुलिस, इसे आशनाई के बिंदु से जोड़कर देख रही है।