लाख चेताना के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग की कुंभकरणी नींद नहीं टूटी। स्कूल में कंडम बने अग्निशमन यंत्र आखिर आग लगने पर बोल गए। नगर क्षेत्र के प्राथमिक स्कूल मसवानी प्रथम में सोमवार को स्कूल के किचन में एमडीएम पकाते समय आग लग गई। शुक्र रहा कि स्कूल में मौजूद बच्चे बाल-बाल बचे। शिक्षक और पड़ोसियों ने कड़ी मशक्कत करके किसी तरह से आग पर काबू पाया। उधर, अमर उजाला ने पांच मई के अंक में ‘स्कूलों में लगे अग्निशमन यंत्र दे सकते हैं धोखा’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर चेताया था। इसके बावजूद बेसिक शिक्षा विभाग ने मामला संज्ञान में नहीं लिया और बड़ा हादसा होते होते बचा।
शहर के कालिकन मंदिर से मिला परिषदीय प्राथमिक स्कूल मसवानी प्रथम है। रोज की भांति स्कूल सुबह 8 बजे खुला। हेडमास्टर मेवालाल और सहायक अध्यापिका शबाना स्कूल के अलावा स्कूल में 37 बच्चे मौजूद थे। रसोइयां आशा किचन में भगोने में तहरी पकाना शुरू किया था। सुबह करीब 9.30 बजे अचानक सिलेंडर से भट्ठी को जोड़ने वाला पाइप निकल गया और पाइप में आग लग गई। आग लगते ही रसोइया ने शोर मचाया, तो शिक्षक और पड़ोसी दौड़कर बाहर निकले, लेकिन तब तक आग पूरे किचन में फैल चुकी थी। शिक्षकों ने अग्निशमन यंत्रों का उपयोग करना चाहा, लेकिन वह पूरी तरह से खाली मिले। ऐसे में स्कूल में अफरा तफरी मच गई। बच्चे स्कूल से निकलकर बाहर की ओर भागे लेकिन शिक्षक और पड़ोसियों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। सभी ने मिलकर बोरे गीले करके आग की लपटों में फेंकना शुरू किया, तो करीब 20 मिनट बाद आग पर काबू पाया गया। उधर, स्कूल में आग लगने की सूचना पर अभिभावक भागते हुए स्कूल पहुंचे और अपने बच्चों को साथ घर ले गए।
खास बात तो यह है कि पांच मई के अंक में अमर उजाला अग्निशमन यंत्रों की स्थिति से अवगत करा चुका है। अगर विभाग ने ध्यान दिया होता और समय रहते स्कूलों के अगिभनशम यंत्रों की जांच कराई होती तो शायद सोमवार को हुआ यह हादसा न होता। खास बात यह है कि छह साल पहले खरीदे गए अग्निशमन यंत्रों की अब तक दोबारा रिफिलिंग नहीं कराई गई है। जबकि इनकी वैधता सिर्फ तीन साल होती है। ऐसी हालत में साफ है कि सभी स्कूलों में रखे अग्निशमन यंत्र पूरी तरह से बेकार हो चुके हैं और बेसिक शिक्षा विभाग का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
क्या कहते हैं हेडमास्टर
फतेहपुर। प्राथमिक स्कूल मसवानी प्रथम के हेडमास्टर मेवालाल ने बताया कि अधिकारियों ने अभी तक अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने के लिए कोई आदेश नहीं दिया है। जबकि यंत्र सालों पहले बेकार हो चुके हैं। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है।
रिफिलिंग कराने का हेडमास्टर का दायित्व
फतेहपुर। कार्यवाहक सह समन्वयक हेमंत त्रिपाठी ने बताया कि विकास अभिदान फंड से अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग कराने का अधिकार हेडमास्टर को है। घटना स्थल पर पहुंचे एबीआरसी ने स्वीकार किया कि ऐसे में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। इसकी रिपोर्ट नगर शिक्षा अधिकारी को सौंपी जाएगी।
अग्निशमन यंत्रों की रिफिलिंग हर दो साल में कराने का प्रावधान है। इसके लिए समय-समय पर आदेश जारी किए जाते हैं। प्राथमिक स्कूल मसवानी प्रथम के हेडमास्टर ने रिफिलिंग क्यों नहीं कराई है। इसके लिए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। - आशा त्रिपाठी,नगर शिक्षा अधिकारी, फतेहपुर।