हसवा (फतेहपुर)। ब्लाक परिसर के सामने पशु अस्पताल से होर्डिंग हटाने के विवाद में सपा नेता और पूर्व ब्लाक प्रमुख पक्ष के खिलाफ सोमवार देर रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
एफआईआर होते ही प्रकरण में बड़े नेताओं का दखल हो गया। पुलिस ने पूर्व प्रमुख को सुबह थाने बुलाया। थाने में सपा जिलाध्यक्ष विपिन यादव भी समर्थकों के साथ पहुंचे।
पुलिस की नेताओं से कहासुनी भी हुई। पुलिस ने लाइसेंसी शस्त्रों के दुरुपयोग की रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेजने की तैयारी की है।
हसवा ब्लाक के सामने पशु अस्पताल में सपा के पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रसेन यादव की होर्डिंग लगी थी। बीडीओ के निर्देश पर पशु अस्पताल से ब्लाक कर्मचारी ने होर्डिंग हटाई थी।
यह खबर मिलने पर पूर्व प्रमुख लाइसेंसी असलहाधारियों के साथ मौके पर पहुंचे और होर्डिंग फिर से लगवा दी। शस्त्रों के प्रदर्शन की सूचना पर हसवा चौकी इंचार्ज विंध्यवासिनी तिवारी मौके पर पहुंचे।
एक पुलिस कर्मी ने पेड़ पर चढ़कर होर्डिंग हटाई। पुलिस शस्त्र धारियों को लेकर चौकी पहुंची। यहां से पूर्व प्रमुख को थरियांव थाने ले गई।
जिसके बाद देर रात हसवा ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। अक्षय का आरोप है कि वह ब्लाक के सरकारी आवास में सोमवार को मौजूद थे।
इस दौरान अचानक इमादपुर के रहने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रसेन यादव समेत दो दर्जन लोग लाइसेंसी और अवैध असलहों लैस होकर पहुंचे थे।
उन्होंने सरकारी योजनाओं के कागजात फाड़ दिए। कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। उन पर भी राइफल तानी। उन्होंने दूसरे कमरे में घुसकर अपनी जान बचाई।
ब्लाक परिसर से हटाई गई होर्डिंग को फिर से लगवाई। मामले में पुलिस ने पूर्व प्रमुख इंद्रसेन यादव व उनके बेटे बलबीर, भाई सुरेंद्र, राजेंद्र, भतीजे दलबीर के खिलाफ बलवा, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा, तोड़फोड़, गाली गलौज की रिपोर्ट दर्ज की।
जिसके बाद मंगलवार दोपहर पूर्व प्रमुख के गांव इमादपुर में फरार आरोपियों की तलाश में छापामारी की। उधर, पूर्व प्रमुुख ने बताया कि होर्डिंग पशु अस्पताल में लगी थी, जिसका ब्लाक परिसर से कोई मतलब नहीं है।
सीओ अनिल कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार कर कोर्ट भेजा गया गया है। शस्त्र निरस्तीकरण की जल्द ही रिपोर्ट भेजी जाएगी।
कर्मचारी की ओर भी दी गई तहरीर
हसवा ब्लाक में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लालचंद्र निवासी सेमरी ने मंगलवार को थाने में तहरीर दी है। उसका आरोप है कि इंद्रसेन सिंह यादव ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।
साथ ही जातिसूचक शब्द भी बोले हैं। थाना प्रभारी उपेंद्रनाथ राय ने बताया कि मामले के संबंध में एक मुकदमा दर्ज है। बयान में कोई आरोप सामने आएंगे तो उसे भी शामिल किया जाएगा।
डीएम, एसपी ने ब्लाक प्रमुख ने कार्रवाई की मांग
ब्लाक प्रमुख अक्षय लोधी ने मंगलवार को डीएम अपूर्वा दुबे और एसपी सतपाल आंतिल से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व प्रमुख के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए जाने और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
सत्ता के नेताओं की पैरवी में पिसे एक पुलिस अधिकारी
सपा नेता और पूर्व ब्लाक प्रमुख के खिलाफ मुकदमा और कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष के तीन नेताओं की ओर से जबरदस्त पैरवी की गई। नेताओं की पैरोकारी का मामला प्रदेश संगठन तक पहुंचा।
मामले में एक पुलिस अधिकारी पर दोनों पक्षों के नेताओं ने दबाव बनाया। इनके बीच पुलिस अधिकारी भी खुद को असहज महसूस करने लगे।
दरअसल अक्षय लोधी के भाजपा समर्पित होने की वजह से संगठन और एक बड़े नेता पक्ष से अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
उधर, दूसरे पक्ष से एक विधायक ने सपा नेता की सिफारिश की। पुलिस को इंद्रसेन सिंह यादव ने भी तहरीर दी लेकिन पूर्व ब्लाक प्रमुख की ओर से कोई मामला नहीं दर्ज किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सोमवार जो मामला हुआ था वह सब सड़क पर ही था। ब्लाक परिसर के अंदर कोई मामला नहीं हुआ।
रसूख कायम रखने के लिए पक्षों के बीच राजनैतिक हस्ताक्षेप हुआ। पूर्व ब्लाक प्रमुख इंद्रसेन सिंह यादव के परिवार में ही पिछले 15 साल से ब्लाक प्रमुखी रही है।
इस वजह से क्षेत्र में इंद्रसेन रसूखदार माने जाते हैं। इस बार पूर्व विधायक आनंद लोधी के पुत्र अक्षय लोधी ब्लाक प्रमुख हुए। चुनाव के बाद से ही उनके बीच विवाद गहरा हो गया।
पुलिस कर्मी का वीडियो वायरल
मामले में कहीं न कहीं पुलिस ब्लाक प्रमुख के पक्ष में रही है। पुलिस का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें पुलिस कर्मी पशु अस्पताल में लगी होर्डिंग उतारती दिखाई दे रही है।