जाफरगंज। आखिर प्रशासन को कस्बे का अतिक्रमण हटाना ही पड़ा। दशकों से गुम नाले के अतिक्रमण में बृहस्पतिवार को जेसीबी गरजी। टीम ने अपने सामने तालाब के पानी का निकास खुलवाया। जलभराव की समस्या कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली।
अमर उजाला ने कस्बे में जलभराव की समस्या 6 जुलाई और 9 जुलाई को प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेते हुए प्रशासन की टीम बृहस्पतिवार को जाफरगंज के गांधी नगर दलित बस्ती पहुंची। कस्बे के बड़े तालाब के प्राचीन निकास वाले नाले पर अतिक्रमण मिला। इसलिए मुख्य मार्ग पर जलभराव की समस्या थी। जेसीबी से नाले पर बने चबूतरे और अन्य अतिक्रमण को ध्वस्त कराया गया। सफाई कर्मियों की टीम ने नाले से सिल्ट, मिट्टी और कचरा निकाला। सुबह करीब 11 बजे शुरू अभियान शाम चार बजे तक चला। अधिकारियों ने शेष अतिक्रमण भी चिह्नित कर आगे कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
अतिक्रमण हटने के बाद बंद पड़ा नाला खुल गया और तालाब के पानी का निकास शुरू हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि समस्या का 80 प्रतिशत समाधान हो गया है। जलभराव कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। टीम में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता गोविंद प्रसाद, एडीओ पंचायत नीरज पटेल, ग्राम विकास अधिकारी आशी तिवारी, राजस्व निरीक्षक सर्पराज , लेखपाल विवेक विश्वकर्मा, अंकुर त्रिपाठी, अरुण सिंह शामिल रहे।
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वर्जन
नाले से अतिक्रमण हटाने के बाद लगभग 80 प्रतिशत समस्या का समाधान हो गया है। नाले से पानी की निकासी शुरू हो चुकी है। नाले में थोड़ी-बहुत सिल्ट जमा है, जो पानी के बहाव के साथ निकल जाएगी। नाला अधिक गहरा होने के कारण किसी कर्मचारी को उसमें उतारना जोखिम भरा है। - नीरज पटेल, एडीओ पंचायत
फोटो-13-जेसीबी से नाले का अतिक्रमण हटवाते अधिकारी। संवाद
फोटो-13-जेसीबी से नाले का अतिक्रमण हटवाते अधिकारी। संवाद
फोटो-13-जेसीबी से नाले का अतिक्रमण हटवाते अधिकारी। संवाद